मोतिहारी : कोर्ट जा रहे एक अधिवक्ता पर हुए कथित जानलेवा हमले के बाद मोतिहारी में वकीलों के बीच नाराजगी बढ़ गई है। घटना के विरोध में अधिवक्ता संगठनों ने पुलिस-प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
कोर्ट जाते समय अधिवक्ता पर हमला
जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता कुणाल कुमार तिवारी रोज की तरह अपने घर से मोतिहारी कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोककर कथित तौर पर मारपीट की। हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और सहयोगियों की मदद से उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही वकीलों में आक्रोश
अधिवक्ता पर हमले की जानकारी कचहरी परिसर में पहुंचते ही बड़ी संख्या में वकीलों ने घटना पर नाराजगी जताई। इस मामले को लेकर अधिवक्ता कुमार पंकज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग रखी।
वकीलों का कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।
48 घंटे का दिया अल्टीमेटम
वकील संघ की ओर से पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया गया है। इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
वकीलों की प्रमुख मांगों में:
- हमले में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी।
- मामले की निष्पक्ष जांच।
- घायल अधिवक्ता को सुरक्षा और न्याय दिलाने की कार्रवाई।
- कचहरी आने-जाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
वकीलों ने स्पष्ट किया है कि अगर तय 48 घंटे की अवधि में पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें प्रदर्शन के साथ न्यायिक कार्य से दूरी बनाने जैसे कदम उठाए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर वकीलों की नजर बनी हुई है। आने वाले समय में आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की दिशा से यह तय होगा कि मामला किस तरह आगे बढ़ता है।
