डेस्क : जमुई की नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले को लेकर बिहार की राजनीति में विवाद बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिजनों के साथ तस्वीर साझा की गई, जिससे उसकी पहचान उजागर होने का खतरा है। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
POCSO एक्ट का हवाला देकर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में POCSO एक्ट की धारा 23 का हवाला देते हुए कहा कि नाबालिग पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले को अदालत में ले जाने की बात कही है।
इस मामले में मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक तस्वीर को धुंधला किया गया था, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इसके बावजूद पीड़िता की पहचान सामने आने की आशंका बनी रहती है।
तेजस्वी ने बिहार पुलिस पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर बिहार पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। इससे पहले उन्होंने जमुई मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी पहचान को लेकर सवाल उठाया था।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पुलिस को मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ समान कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव के राजनीतिक बयान हैं और इनके संबंध में पुलिस या सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।
क्या है पूरा जमुई मामला?
रिपोर्टों के अनुसार, 19 सितंबर को जमुई में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ युवकों ने रास्ते में रोककर कथित तौर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की और गिरफ्तारी की। पुलिस के अनुसार वीडियो के आधार पर कई आरोपियों की पहचान की गई है।
तस्वीर को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई पहुंचकर पीड़ित पक्ष से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके एक्स हैंडल से एक तस्वीर पोस्ट की गई, जिसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने इसी तस्वीर को आधार बनाकर POCSO कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच जमुई की घटना कानून-व्यवस्था और नाबालिग पीड़ित की निजता से जुड़े सवालों को लेकर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है।
अब आगे क्या?
तेजस्वी यादव के कोर्ट जाने के ऐलान के बाद इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी। फिलहाल तस्वीर साझा किए जाने को लेकर विपक्ष की ओर से कार्रवाई की मांग की गई है, जबकि मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं का अंतिम निर्धारण संबंधित प्राधिकरण या अदालत की प्रक्रिया के जरिए होगा।
