डेस्क : बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने न्यूजीलैंड प्रवास के दौरान ऑकलैंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।
अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान था लक्ष्य
बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनका एकात्म मानवदर्शन मनुष्य, समाज और प्रकृति के बीच संतुलित और समग्र समन्वय की प्रेरणा देता है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास का लाभ समाज के सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति तक पहुंचे।
‘अंत्योदय’ को बताया मूल मंत्र
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही ‘अंत्योदय’ का मूल भाव है। उन्होंने कहा कि यह विचार आज भी लोककल्याणकारी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का अवसर उनके विचारों को समझने और उन्हें आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण पर जोर
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरणा लेकर सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की राजनीतिक शुचिता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़े विचारों को भी याद किया और कहा कि उनके विचार वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं।
ऑकलैंड में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार इन दिनों न्यूजीलैंड प्रवास पर हैं। इसी दौरान ऑकलैंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से 25 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
