डेस्क : बिहार पुलिस के महानिदेशक (DGP) विनय कुमार की भूमिका में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य सरकार ने उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner) बनाए जाने का फैसला किया है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब विनय कुमार की सेवा अवधि दिसंबर 2026 में पूरी होने वाली है।
DGP पद से हटकर अब RTI मामलों की जिम्मेदारी
विनय कुमार 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं और बिहार के DGP के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सितंबर में वह 21 दिनों की छुट्टी पर गए थे। उनकी अनुपस्थिति में 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
अब उनके मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की चर्चा के साथ बिहार पुलिस के शीर्ष पद पर स्थायी बदलाव की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई है।
दिसंबर में पूरी होनी है सेवा अवधि
रिपोर्टों के अनुसार, विनय कुमार की सेवा अवधि दिसंबर 2026 में पूरी होनी है। वह दो साल के सेवा विस्तार पर थे। उनकी छुट्टी के दौरान ही नए DGP के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई थी।
ऐसे में मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में उनकी संभावित नियुक्ति को रिटायरमेंट से पहले एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
RTI मामलों में होगी अहम भूमिका
मुख्य सूचना आयुक्त का पद बिहार राज्य सूचना आयोग से जुड़ा है। सूचना का अधिकार यानी RTI Act के तहत सूचना मांगने वाले नागरिकों की अपील और शिकायतों की सुनवाई में सूचना आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
विनय कुमार को यह जिम्मेदारी मिलने पर उनकी भूमिका पुलिस प्रशासन से हटकर सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे की ओर हो जाएगी।
अंजनी कुमार सिंह भी सूचना आयुक्त बनाए जाएंगे
रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को बिहार राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त बनाए जाने की तैयारी है। हालांकि, नियुक्ति से जुड़े अंतिम आधिकारिक आदेश के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
DGP पद पर कौन संभालेगा कमान?
विनय कुमार के DGP पद से हटने के बाद बिहार पुलिस के अगले स्थायी DGP की नियुक्ति भी अहम हो गई है। उनकी छुट्टी के दौरान प्रीता वर्मा ने DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाला था। नए DGP के चयन के लिए राज्य सरकार और UPSC की प्रक्रिया पहले से चल रही थी।
इस बीच विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की खबर से बिहार के प्रशासनिक गलियारे में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है। हालांकि, नियुक्ति की अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।







