डेस्क: पटना में जन सुराज पार्टी कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने श्यामनंदन कुमार यादव को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया और उनका स्वागत करते हुए माल्यार्पण किया।
मनोज भारती ने बताया कि पार्टी की ओर से पहले तीन संभावित प्रत्याशियों के नामों की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पार्टी के साथियों की राय और विचार-विमर्श के आधार पर श्यामनंदन कुमार यादव के नाम पर सहमति बनी। उन्होंने बताया कि श्यामनंदन यादव पूर्व सैनिक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके छोटे भाई प्रमोद यादव कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे और उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया था।
उम्मीदवार बनाए जाने के बाद श्यामनंदन कुमार यादव ने प्रशांत किशोर, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के सभी नेताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस उम्मीद के अनुरूप वे कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने अपने परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया और बताया कि चार भाइयों में तीन भारतीय सेना में रहे हैं।
वहीं, जन सुराज के वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार के चयन में सामूहिक विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनाती है। उन्होंने मुजफ्फरपुर की बैठक में शिक्षकों को लेकर की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि शिक्षकों के अपमान को पार्टी स्वीकार नहीं करती।
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने भी इस मामले पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भूषण झा स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहते थे और मुजफ्फरपुर की बैठक में उन्होंने शिक्षकों को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे पार्टी ने अस्वीकार्य माना।
श्यामनंदन कुमार यादव भारतीय सेना में करीब 15 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं और पिछले करीब 25 वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे Association of Teachers Training Colleges, Bihar के प्रदेश सचिव और Petroleum Association Bihar के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। वे ITI के माध्यम से युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का काम करते रहे हैं।
इसके अलावा वे कारगिल शहीद प्रमोद सेवा समिति के सचिव के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े सामाजिक कार्य भी करते रहे हैं। प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और तिरहुत क्षेत्र के पदाधिकारी मौजूद रहे।







