पटना सिटी : खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब में रविवार को हास्य कवि और छोटे पर्दे के चर्चित सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के कलाकार रहे शैलेश लोढ़ा पहुंचे। उन्होंने दरबार साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीष लिया।
दरबार साहिब में टेका मत्था
दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद तख्त साहिब के ग्रंथी ने उन्हें आशीर्वाद स्वरूप सिरोपा भेंट किया। इसके बाद शैलेश लोढ़ा दीवान हॉल में बैठे और शबद कीर्तन सुना। उन्होंने गुरु महाराज से जुड़ी बचपन की वस्तुओं के दर्शन भी किए। इसके अलावा निशान साहिब की परिक्रमा कर आशीष लिया।
प्रबंधक कमेटी ने किया स्वागत
तख्त साहिब पहुंचने पर शैलेश लोढ़ा का स्वागत प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, महासचिव इंद्रजीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह और कनीय उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने किया।
इस दौरान प्रबंधक कमेटी की ओर से उन्हें गुरु महाराज के जीवन दर्शन से जुड़ी पुस्तकों का सेट और प्रतीक चिह्न भेंट किया गया।
बिहार आने पर गुरु महाराज के दरबार में लगाता हूं हाजिरी
शैलेश लोढ़ा ने कहा कि जब भी वह बिहार आते हैं, गुरु महाराज के दरबार में हाजिरी लगाने जरूर पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि तख्त साहिब आने पर शांति का अनुभव होता है और मन को सुखद अनुभूति मिलती है।
हास्य के जरिए गंभीर बात कहना भी एक कला
हास्य और गंभीरता के संबंध में शैलेश लोढ़ा ने कहा कि हास्य और गंभीर अंदाज एक तरह का मनोविज्ञान है, जो इंसानियत और अमन का संदेश भी देता है। उनके अनुसार, हंसते हुए व्यक्ति गंभीर बातों को भी सहज तरीके से कह सकता है।
उन्होंने कहा कि कवियों का नैतिक दायित्व है कि वे आने वाली पीढ़ियों तक काव्य की विधा को पहुंचाएं। कविता भी ईश्वर की इबादत है। शब्दों के खेल में कवि अलग-अलग विधाओं पर रचना करता है और अपनी बात लोगों तक पहुंचाता है।
