डेस्क : बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किए गए नए डबल लाइन रेल पुल पर जल्द ही ट्रेनों का परिचालन शुरू होने वाला है। निर्माण कार्य के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद रेलवे ने पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य शुरू किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रक्रिया 4 अक्टूबर तक पूरी की जानी है और इसके बाद नए पुल से रेल परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बना नया रेल पुल
मोकामा में गंगा नदी पर बना नया रेल पुल मौजूदा राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किया गया है। यह डबल लाइन पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए पुल को दिनकर ग्राम सिमरिया, राजेंद्र पुल, हाथीदह और बरौनी जंक्शन की ओर रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है।
5 अक्टूबर से शुरू हो सकता है रेल परिचालन
नए पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू करने के लिए 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। इसी वजह से इस अवधि में कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या आंशिक रूप से चलाया जा रहा है।
काम पूरा होने के बाद 5 अक्टूबर से नए रेल पुल पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। इससे मोकामा के इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन क्षमता बढ़ेगी।
90 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
नए पुल की एक बड़ी खासियत इसकी अधिक परिचालन क्षमता है। रिपोर्टों के मुताबिक, नए रेल पुल पर ट्रेनें अधिकतम 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चल सकेंगी। इससे पुराने रेल पुल की तुलना में रेल यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
1700 करोड़ रुपये के आसपास की लागत
मोकामा का यह नया गंगा रेल पुल करीब 1.86 किलोमीटर लंबा बताया गया है। कनेक्टिंग रेल ट्रैक सहित पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 14 किलोमीटर है। परियोजना की लागत करीब 1700 करोड़ रुपये बताई गई है।
NI कार्य के कारण कई ट्रेनें प्रभावित
नए पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के काम के चलते सितंबर से अक्टूबर की शुरुआत तक बड़ी संख्या में ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच 384 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने की योजना है, जबकि कई ट्रेनों का आंशिक समापन या आंशिक प्रारंभ किया गया है।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी होगी मजबूत
नए पुल के चालू होने के बाद पटना, मोकामा, बरौनी और उत्तर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों के परिचालन को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। इससे रेल यातायात के दबाव को संभालने और भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मोकामा का यह रेल पुल बिहार के प्रमुख रेल कॉरिडोर में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में इसके चालू होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।
