Home राज्य बिहार के 21 पुराने एयरपोर्ट पर फिर जगी उड़ान की उम्मीद, 21...

बिहार के 21 पुराने एयरपोर्ट पर फिर जगी उड़ान की उम्मीद, 21 जिलों के DM को भेजा गया पत्र

0

डेस्क : बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को विस्तार देने की दिशा में एक और कवायद शुरू हुई है। राज्य के 21 जिलों में वर्षों से बंद या असंचालित पड़े पुराने हवाई अड्डों की जमीन को सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सिविल विमानन विभाग ने इन 21 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर एयरपोर्ट की जमीन की मापी, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।

पुराने एयरपोर्ट की जमीन होगी अतिक्रमण मुक्त

सिविल विमानन विभाग के सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि संबंधित जिलों में हवाई अड्डों की उपलब्ध जमीन की मापी और सीमांकन कराया जाए। जहां अतिक्रमण है, वहां उसे हटाने की कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही जमीन से जुड़े राजस्व अभिलेखों की समीक्षा कर उन्हें सुरक्षित रखने को कहा गया है, ताकि भविष्य में जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद या अवैध दावा सामने न आए।

21 जिलों में मौजूद हैं पुराने हवाई अड्डे

जिन जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है, उनमें मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, सुपौल, रोहतास, सारण, किशनगंज, मधुबनी, मुंगेर, सहरसा, पश्चिम चंपारण, कैमूर, नालंदा, बक्सर, भोजपुर, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, कटिहार, गोपालगंज और अररिया शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार पत्र मुजफ्फरपुर समेत कुल 21 जिलों को भेजा गया है।

पांच दशक से अधिक पुराने हैं कई एयरपोर्ट

इनमें से कई हवाई अड्डे काफी पुराने हैं। लंबे समय से उपयोग में नहीं होने के कारण कई जगहों पर रनवे, चहारदीवारी और अन्य बुनियादी ढांचे की स्थिति खराब हो चुकी है।

सरकार की मौजूदा कवायद का उद्देश्य इन परिसंपत्तियों और जमीन को सुरक्षित रखना है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इनका विकास या विस्तार किया जा सके।

मुजफ्फरपुर में चल रहा काम

मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे को लेकर पहले से काम चल रहा है। यहां रनवे की मरम्मत के साथ पार्किंग वे, टैक्सी वे और कार्यालय भवन से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के बाद परिसर की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का काम भी किया जा रहा है।

हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में कई योजनाएं

बिहार सरकार हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर कई स्तरों पर काम कर रही है। राज्य के सिविल एविएशन विभाग की ओर से सोनपुर और सुल्तानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के DPR तैयार करने के लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया भी दर्ज है।

हालांकि, 21 पुराने एयरपोर्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मौजूदा कार्रवाई का अर्थ यह नहीं है कि इन सभी जगहों से तत्काल विमान सेवा शुरू होने जा रही है। फिलहाल यह कदम भविष्य में एयरपोर्ट के विकास और हवाई सेवा की संभावनाओं को बनाए रखने की दिशा में है।

किन जिलों पर है नजर?

मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, सुपौल, रोहतास, सारण, किशनगंज, मधुबनी, मुंगेर, सहरसा, पश्चिम चंपारण, कैमूर, नालंदा, बक्सर, भोजपुर, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, कटिहार, गोपालगंज और अररिया समेत 21 जिलों में पुराने हवाई अड्डों की जमीन को सुरक्षित करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
राज्य

एनएच-31 पर मंदिर से टकराया एलपीजी टैंकर, गैस रिसाव न होने से टला बड़ा हादसा

Exit mobile version