डेस्क : चंपारण में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में फैल रहे बाढ़ के पानी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित इलाकों में पानी के फैलाव, तटबंधों और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि चंपारण में बढ़े हुए जलस्तर का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह तत्पर रहने को कहा।
पिछले कुछ दिनों से चंपारण में जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी है। बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन इलाकों की स्थिति का भी आकलन किया गया, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो रहा है। हवाई सर्वेक्षण से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को समझने और राहत एवं बचाव कार्यों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में पानी का दबाव बढ़ रहा है, वहां पहले से आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बाढ़ के बीच लोगों की सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने के साथ नाव, राहत दल और अन्य जरूरी संसाधनों को भी जरूरत के मुताबिक सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
चंपारण में बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रशासनिक मशीनरी को राहत और बचाव कार्यों को लेकर दिशा-निर्देश मिले हैं। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संभावित आपात स्थिति से निपटने की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ काम करने और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है।
