पटना : नगर निगम ने संपत्ति कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों को कर के दायरे में लाने के लिए विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में कर निर्धारण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नए कर निर्धारण, पुनर्निर्धारण, संपत्ति कर में बदलाव या संशोधन और बकाया संपत्ति कर भुगतान की सुविधा मिलेगी।
नगर निगम के अनुसार, शिविरों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 5 से 7 अक्टूबर 2026 और दूसरा चरण 8 से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
पहले चरण में नूतन राजधानी अंचल के वार्ड-3 स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय, सब्जपुरा और पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड-22-ए में गेट संख्या 93, अशोक राजपथ पर शिविर लगाया जाएगा।
दूसरे चरण में नूतन राजधानी अंचल के वार्ड-11 स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय, हरनीचक और पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड-22-बी में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास, कुर्जी में शिविर आयोजित होगा।
नगर निगम ने सभी सफाई निरीक्षकों और सेक्टर सुपरवाइजरों को अपने-अपने वार्डों में भ्रमण कर ऐसी संपत्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जिनका अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है या जिन्हें पुनर्निर्धारण की जरूरत है। चिह्नित संपत्तियों की जानकारी संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को दी जाएगी।
इसके अलावा नगर निगम के कंट्रोल रूम के माध्यम से ऐसे बिजली उपभोक्ताओं से भी संपर्क किया जाएगा, जिनकी संपत्तियां अभी संपत्ति कर के दायरे से बाहर हैं। उन्हें शिविरों की जानकारी देकर कर निर्धारण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
शिविरों में बकाया संपत्ति कर जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। नगर निगम के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से बकाया संपत्ति कर पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की दर से पेनाल्टी लागू हो गई है। निगम ने बकायेदारों से जल्द भुगतान करने और बिना कर निर्धारण वाली संपत्तियों के मालिकों से निर्धारित शिविरों में पहुंचकर कर निर्धारण कराने की अपील की है।
