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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, 30 एजेंडों पर लगी मुहर, 2554 कृषि फीडर होंगे सोलराइज

पटना : बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने कुल 30 एजेंडों को मंजूरी दी है। इनमें कृषि क्षेत्र और बिजली व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी शामिल हैं। कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए करीब 2,761 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस योजना के तहत राज्य के 2,554 कृषि फीडरों का सोलराइजेशन किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेती के लिए बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करना है।

किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने की तैयारी

बिहार सरकार कृषि क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। फिलहाल किसानों को सिंचाई के लिए रियायती दर पर बिजली मिल रही है। सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत सौर ऊर्जा के जरिए कृषि फीडरों को बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी है।

सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में बिजली की लागत को कम करना और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना है।

तीन साल में बड़े पैमाने पर सौर बिजली उत्पादन का लक्ष्य

ऊर्जा विभाग की योजना के अनुसार अगले तीन वर्षों में हजारों कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2027 से 2029 के बीच चरणबद्ध तरीके से कृषि फीडरों का सोलराइजेशन किया जाएगा।

सरकार ने सौर ऊर्जा के माध्यम से कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी मात्रा में बिजली उत्पादन का लक्ष्य भी तय किया है। इससे दिन के समय किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सोलर प्लांट के लिए बनेगा भूमि बैंक

कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने की जरूरत होगी। इसके लिए बिहार में भूमि बैंक तैयार करने की योजना भी सामने आई है।

सोलर प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों और अन्य भूमि मालिकों को निर्धारित राशि दिए जाने का प्रावधान प्रस्तावित है। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ जमीन मालिकों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी तैयार हो सकता है।

किसानों को क्या होगा फायदा?

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को कई स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा।
  • कृषि क्षेत्र में बिजली की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
  • सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी।
  • किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
  • सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार सरकार पहले ही कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी कृषि फीडरों को सोलराइज करने और आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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