पटना और आसपास के इलाकों में सीएनजी भराने के लिए वाहनों की लंबी कतार की समस्या आने वाले दिनों में कम हो सकती है। इसके लिए गेल इंडिया ने मोबाइल सीएनजी वैन शुरू करने की तैयारी की है। कंपनी की योजना मांग के अनुसार शहर के प्रमुख स्थानों पर मोबाइल वैन के जरिए सीएनजी उपलब्ध कराने की है।
42 CNG स्टेशनों में सिर्फ 9 ऑनलाइन
जानकारी के अनुसार, पटना और आसपास के क्षेत्रों में करीब 42 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं। इनमें सिर्फ नौ स्टेशन ऑनलाइन हैं, जबकि 33 स्टेशन ऑफलाइन तरीके से चल रहे हैं। ऑफलाइन स्टेशनों पर सीएनजी की आपूर्ति सिलिंडर के माध्यम से की जाती है।
सिलिंडर पहुंचने में देरी से बढ़ती है परेशानी
ऑफलाइन सीएनजी स्टेशनों तक सिलिंडर पहुंचाने में सड़क जाम और अन्य कारणों से कई बार देरी हो जाती है। इसका असर सीधे वाहन चालकों पर पड़ता है। सीएनजी की आपूर्ति में देरी होने पर स्टेशनों के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ऑटो चालकों के साथ रोजाना सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले अन्य वाहन मालिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एक वैन में 1000 किलो तक CNG
गेल की प्रस्तावित मोबाइल सीएनजी वैन में कैसकेट और डिस्पेंसर लगाया जाएगा। एक कैसकेट में करीब 600 किलो से लेकर 1000 किलो तक सीएनजी स्टोर करने की क्षमता होगी। हालांकि, वैन को लगातार शहर की सड़कों पर घूमाकर सीएनजी बेचने की योजना नहीं है। मांग के आधार पर इसे प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
अधिक वाहनों वाले इलाकों में मिलेगी अस्थायी सुविधा
मोबाइल सीएनजी वैन को उन क्षेत्रों में खड़ा किया जा सकेगा, जहां वाहनों की संख्या ज्यादा है और मौजूदा सीएनजी स्टेशनों पर अधिक दबाव रहता है। इससे जरूरत के मुताबिक संबंधित इलाकों में अस्थायी रूप से सीएनजी उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही नियमित सीएनजी स्टेशनों पर वाहनों की भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षा मंजूरी के बाद शुरू होगी सुविधा
मोबाइल सीएनजी वैन को शुरू करने से पहले जरूरी सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से अनुमति लेना आवश्यक होगा। मंजूरी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही पटना में मोबाइल सीएनजी वैन की सुविधा शुरू की जा सकेगी।
