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बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, दो दिनों में करीब 5 फीट की वृद्धि

Bihar Flood : बागमती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो दिनों में नदी का जलस्तर करीब पांच फीट तक बढ़ा है। घाट की सीढ़ियां तेजी से पानी में डूब रही हैं, जिसके आधार पर लोग नदी के बढ़ते जलस्तर का अंदाजा लगा रहे हैं। हालांकि, फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

तेजी से बढ़ रहा नदी का पानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि बागमती नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, रोजाना करीब दो से ढाई फीट तक जलस्तर में वृद्धि हो रही है। नदी की पेटी में पानी फैल जाने के कारण जलस्तर का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है।

घाट की सीढ़ियों के लगातार पानी में डूबने से नदी के बढ़ते जलस्तर का अनुमान लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में दो से तीन सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं।

नेपाल के तराई क्षेत्र से आ रहे पानी का असर

स्थानीय लोगों के अनुसार, नेपाल के तराई क्षेत्र से आ रहे पानी का असर बागमती नदी में दिखाई दे रहा है। नदी की पेटी में पानी फैलने के साथ जलस्तर लगातार ऊपर उठ रहा है।

यदि पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो शहर के पश्चिमी हिस्से के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

वार्ड 8, 9 और 23 पर पड़ सकता है असर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर शहर के वार्ड संख्या 8, 9 और 23 के कुछ मोहल्ले प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा आसपास के निचले ग्रामीण इलाकों में भी पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

नदी किनारे रहने वाले परिवारों को घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कुछ लोग एहतियात के तौर पर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की तैयारी कर रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन ने जारी नहीं किया अलर्ट

बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद अभी प्रशासन की ओर से किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। फिलहाल ऐसी स्थिति की आधिकारिक जानकारी नहीं है, जिससे तत्काल बड़े खतरे की पुष्टि हो।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में नदी के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर प्रशासन की लगातार निगरानी जरूरी होगी।

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