Bihar Flood : सारण में गंडक नदी की बाढ़ ने हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मकेर में तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी NH-722 तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई फीट पानी जमा होने से वाहनों का परिचालन प्रभावित है। जिस सड़क पर सामान्य दिनों में ट्रक, हाइवा, कार और बाइक दौड़ते हैं, वहां अब लोग नाव के सहारे आवागमन करते नजर आ रहे हैं।
इसी बीच मकेर प्रखंड के हेजालपुर से बाढ़ की भयावह स्थिति दिखाने वाला एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में बाढ़ के पानी से घिरा एक मकान कुछ ही पलों में ढहकर पानी में समाता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिख रहे मकान और उससे जुड़े परिवार की विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
NH-722 पर कई फीट पानी, नाव से हो रहा आवागमन
मकेर में तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और रिहाइशी इलाकों में फैल गया। इसके बाद पानी NH-722 तक पहुंच गया। सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
आम दिनों में इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रक, हाइवा, कार और बाइक गुजरते हैं। लेकिन बाढ़ के बाद सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है। जरूरी काम से निकलने वाले स्थानीय लोग अब नाव के जरिए जलमग्न सड़क को पार कर रहे हैं।
पानी के दबाव में ढह गया मकान
हेजालपुर में सामने आए वीडियो में चारों तरफ बाढ़ का पानी दिखाई दे रहा है। इसी दौरान पानी के दबाव से एक मकान की दीवारें कमजोर पड़ती हैं और कुछ ही सेकंड में पूरा मकान भरभराकर पानी में गिर जाता है।
मकान का बड़ा हिस्सा देखते ही देखते बाढ़ के पानी में समा जाता है। इस घटना ने इलाके में बाढ़ की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे मकान और वहां रहने वाले परिवार को लेकर विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पानापुर में भी टूटा सारण तटबंध
मकेर में तटबंध टूटने के बाद स्थिति संभल भी नहीं पाई थी कि गुरुवार की सुबह पानापुर के सरौजा भगवानपुर गांव के सामने सारण तटबंध टूट गया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी के दबाव के कारण तटबंध टूटते ही आसपास के क्षेत्रों में पानी तेजी से फैलने लगा।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। एसडीपीओ मढ़ौरा, सीओ अजय कुमार, बीडीओ आनंद पांडेय समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। तटबंध टूटने के बाद पानी चकिया और सतजोड़ा की ओर फैल रहा है।
लगातार दूसरे दिन तटबंध टूटने से बढ़ी चिंता
इससे पहले बुधवार को मकेर प्रखंड में सारण तटबंध के दो स्थानों पर टूटने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद बाढ़ का पानी कई गांवों में फैल गया। अब पानापुर में तटबंध टूटने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
पानी रिहाइशी इलाकों तक पहुंचने के बाद कई परिवार घरों से जरूरी सामान निकालकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कुछ परिवारों ने तटबंध और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण ली है।
राहत और बचाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
लगातार तटबंध टूटने और बाढ़ के बढ़ते फैलाव के बीच प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटा है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी के साथ राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
प्रशासन के सामने अब प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बढ़ते पानी के बीच लोगों को अपने घर, सामान और मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता बनी हुई है।







