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नालंदा में आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा नया स्वरूप, BALA मॉडल से बच्चों के लिए बनेगा ‘लर्निंग स्पेस’; 250 से अधिक नए केंद्रों की तैयारी

नालंदा : ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और सीखने का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए नालंदा जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों को BALA (Building as Learning Aid) मॉडल की अवधारणा के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

खास बात यह है कि तैयार भवन को बाद में BALA मॉडल में बदलने के बजाय भवन की डिजाइन और निर्माण योजना में ही बच्चों की सीखने की जरूरतों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल बच्चों के बैठने की जगह न बनाकर उन्हें सीखने का माध्यम बनाना है।

मनरेगा के तहत 104 में 95 केंद्र पूरे

जून 2026 तक जिले में मनरेगा के तहत 104 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की योजनाएं ली गई थीं। इनमें से 95 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 9 केंद्र अभी निर्माणाधीन हैं। इस तरह करीब 91 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

VB-G RAM G के तहत 19 नए केंद्रों को मंजूरी

एक जुलाई 2026 से लागू VB-G RAM G के तहत BALA मॉडल पर आधारित 19 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की योजनाएं भी ली गई हैं। इनमें बिहारशरीफ और गिरियक में चार-चार, हिलसा में तीन, इस्लामपुर और रहुई में दो-दो तथा बेन, हरनौत, नगरनौसा और सिलाव में एक-एक केंद्र शामिल हैं।

इन 19 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर करीब 2.01 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण के दौरान बच्चों की उम्र और उनकी सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भवन की संरचना तैयार की जाएगी।

250 से अधिक नए केंद्र बनाने की तैयारी

आने वाले महीनों और आगामी वित्तीय वर्षों में जिले में 250 से अधिक नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की योजना है। इन केंद्रों का निर्माण भी BALA मॉडल की अवधारणा के अनुसार किया जाएगा।

इस पहल के तहत भवन की दीवारों, स्थान और अन्य संरचनात्मक हिस्सों को बच्चों के सीखने के लिए उपयोगी बनाने पर जोर रहेगा। इससे बच्चों को खेल-खेल में सीखने और आसपास के वातावरण से ज्ञान हासिल करने का अवसर मिल सकेगा।

ग्राम सभाओं में आंगनबाड़ी भवनों को प्राथमिकता देने की अपील

गांधी जयंती के अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जा रही है। इसके साथ विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) की तैयारी और रिफॉर्म उत्सव की शुरुआत भी की जा रही है।

पंचायतों से अपील की गई है कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार अधिक से अधिक आंगनबाड़ी भवन निर्माण की योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए। साथ ही VB-G RAM G के तहत ऐसी योजनाएं लेने के लिए पंचायतों को आगे आने को कहा गया है।

सुरक्षित और आकर्षक होगा बच्चों का सीखने का माहौल

इस पूरी पहल का उद्देश्य सिर्फ नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ग्रामीण बच्चों के लिए सुरक्षित, आकर्षक और सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार करना है। BALA मॉडल के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन को बच्चों के लिए एक ऐसे सीखने के स्थान के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है, जहां भवन की संरचना भी उनकी प्रारंभिक शिक्षा में मददगार बने।

इससे ग्रामीण विकास, बाल विकास और प्रारंभिक शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

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