नई दिल्ली/पटना : दिल्ली के पंचशील भवन में पंकज पांडेय ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का कार्यालय पंचशील भवन में स्थित है। मुलाकात के दौरान बिहार के मौजूदा हालात, बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति, गोपालगंज की सासामुसा चीनी मिल, गन्ना किसानों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में संभावनाओं समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
पंकज पांडेय के अनुसार, बातचीत में सासामुसा चीनी मिल को बेहतर तरीके से संचालित करने की संभावनाओं और किसानों के हित से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा हुई। फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का इस्तेमाल कर किसानों को किस तरह लाभ पहुंचाया जा सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सासामुसा चीनी मिल लंबे समय से बंद है। जुलाई 2026 में बिहार सरकार की ओर से विधानसभा में मिल को दोबारा चालू कराने और किसानों के बकाये के भुगतान को लेकर पहल की बात कही गई थी।
बाढ़ प्रभावितों की स्थिति पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान बिहार में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर भी बातचीत हुई। पंकज पांडेय ने बताया कि राहत और आगे की सहायता से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संवाद जारी रखने की जरूरत है।
लोजपा-आर में वापसी को लेकर अटकलें
चिराग पासवान से मुलाकात के बाद पंकज पांडेय की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनकी लोजपा-आर में संभावित वापसी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पंकज पांडेय ने फिलहाल ऐसी किसी राजनीतिक वापसी की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे अभी राजनीतिक चर्चा और अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर पूर्व सांसद स्वर्गीय काली प्रसाद पांडेय की राजनीतिक विरासत के संदर्भ में भी पंकज पांडेय की भूमिका को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं के संबंध में भी उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
बेटे ईशान पांडेय भी रहे मौजूद
मुलाकात के दौरान पंकज पांडेय के बेटे ईशान पांडेय भी मौजूद रहे। पंकज पांडेय के अनुसार, चिराग पासवान ने ईशान से भी विभिन्न विषयों पर बातचीत की और आगे की संभावनाओं को लेकर चर्चा की।
पुराने पारिवारिक संबंधों का किया जिक्र
पंकज पांडेय ने बताया कि चिराग पासवान के साथ उनके परिवार के लंबे समय से पारिवारिक और आत्मीय संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान पुराने संबंधों की आत्मीयता भी देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि बिहार, पूर्वांचल, किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भविष्य में भी संवाद और मुलाकातों का सिलसिला जारी रखने की जरूरत है।







