सारण : जिले के गंडक नदी में आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के छह प्रखंडों पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, दरियापुर एवं परसा के अंतर्गत आने वाली 39 पंचायतों के 199 गांव गंडक के उफान की चपेट में हैं। जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ नीना झा के द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार प्रशासन द्वारा 3 अक्टूबर शाम 6:00 बजे तक इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र की लगभग 4,00,470 आबादी और करीब 85824 परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।
जलस्तर एवं परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अब तक 73,232 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों को गति देने के लिए लगातार जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव तथा वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार स्वयं नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
दोनों अधिकारियों ने पानी में फंसे लोगों के रेस्क्यू अभियान का प्रत्यक्ष रूप से नेतृत्व कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और सहायता प्रदान करना है। वर्तमान में प्रभावित क्षेत्र की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
साथ ही साथ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने एवं राहत कार्यों के लिए 110 नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 36 चिकित्सा शिविर और 5 मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जिनसे अब तक 6,770 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। प्रभावित पशुओं की सुरक्षा एवं चिकित्सा के लिए भी 8 पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जहां 370 पशुओं का उपचार हुआ और 153.5 क्विंटल पशु चारा बांटा गया है। पशुओं के लिए चारा वितरण अभी भी जारी है।
इसके अलावा बेघर हुए लोगों के लिए 34,992 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं और पॉलीथिन शीट का वितरण जारी है। विस्थापित और प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा 46 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है, जिनके जरिए अब तक 1,83,171 लोग भोजन प्राप्त कर चुके हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ पीड़ितों के बीच 25,310 ड्राई राशन पैकेट वितरित की जा चुकी हैं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा और भोजन की उपलब्धता में कोई कोताही न बरती जाए। जलस्तर में होने वाले बदलावों पर सतत नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, नदी व तटबंध के संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें और आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
