पटना : बिहार की राजनीति में NDA के भीतर सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और चिराग पासवान के तेवर एक बार फिर चर्चा में हैं। चिराग पासवान ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। इसी के साथ पार्टी की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, LJP (रामविलास) की प्रमुख मांगों में चौकीदार और दफादार के पदों पर भर्ती, पार्टी के संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान की प्रतिमा स्थापित करना और पटना की किसी प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर करना शामिल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर सरकार के स्तर पर पहले भी पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।
चिराग पासवान ने हालिया बयानों में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए बिहार सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार का हिस्सा होने पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि NDA के भीतर चिराग पासवान की नाराजगी सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित है या पार्टी की लंबित मांगों को लेकर भी दबाव की राजनीति का हिस्सा है। रिपोर्ट में राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी से जुड़े लोगों के हवाले से इसे दोनों मुद्दों के बीच जोड़कर देखा गया है।
