डेस्क : बिहार में पुलिस महानिदेशक (DGP) की कुर्सी को लेकर तस्वीर फिलहाल पूरी तरह साफ नहीं हुई है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला किया है। गृह विभाग ने 5 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
इस फैसले के बाद बिहार पुलिस की कमान फिलहाल प्रीता वर्मा के हाथों में ही रहेगी। हालांकि, सरकार के आदेश को उनकी स्थायी DGP नियुक्ति नहीं माना जा सकता। नियमित DGP की नियुक्ति के लिए अलग प्रक्रिया पूरी होनी है।
स्थायी DGP को लेकर बढ़ी चर्चा
प्रीता वर्मा को पहले DGP का अतिरिक्त प्रभार तत्कालीन DGP विनय कुमार की अनुपस्थिति में दिया गया था। अब सरकार ने उनके अतिरिक्त प्रभार को आगे बढ़ा दिया है। इससे स्थायी DGP के संभावित नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल प्रीता वर्मा को अगले आदेश तक बिहार पुलिस की कमान संभालने की जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार नियमित DGP के चयन को लेकर कब अंतिम फैसला करती है।
1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं प्रीता वर्मा
प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं। तीन दशक से ज्यादा के पुलिस सेवा अनुभव के दौरान वह बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों में एसपी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। सहरसा, सीवान, बेगूसराय, वैशाली और मुजफ्फरपुर में उनकी तैनाती रही है।
वह CID और विजिलेंस समेत पुलिस विभाग की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं। लंबे प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें बिहार कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारियों में गिना जाता है।
अभी स्थायी नियुक्ति पर मुहर नहीं
सरकार के ताजा आदेश से यह साफ है कि फिलहाल प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है। इसे स्थायी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। स्थायी DGP के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमित नियुक्ति की तस्वीर स्पष्ट होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या प्रीता वर्मा को ही बिहार का स्थायी DGP बनाया जाएगा या सरकार किसी दूसरे वरिष्ठ IPS अधिकारी के नाम पर मुहर लगाएगी?
