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गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, गंगा अब भी लाल निशान के पार

वैशाली : बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन लगातार अलर्ट मोड में है। वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में जलस्राव और गंगा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन ने निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती है। दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है।

गंडक खतरे के निशान से नीचे, गंगा अब भी ऊपर

वर्तमान स्थिति के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर 50.35 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 50.50 मीटर है। यानी गंडक फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही है। वहीं गंगा नदी का जलस्तर 48.78 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है। हालांकि गंगा के जलस्तर में भी कमी की प्रवृत्ति देखी जा रही है।

5 प्रखंडों की 11 पंचायतें और 21 गांव प्रभावित

जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार वैशाली के पांच प्रखंडों की 11 पंचायतें और 21 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें आठ पंचायतें और 16 गांव आंशिक रूप से प्रभावित बताए गए हैं। प्रभावित इलाकों की स्थिति के अनुसार राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

दो नावों से जारी है आवागमन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल दो नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अब तक 1100 पॉलिथीन शीट और 800 पैकेट सूखा राशन वितरित किया जा चुका है।

सुरक्षित पेयजल के लिए 1150 हैलोजन टैबलेट बांटी

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने 1150 हैलोजन टैबलेट का वितरण किया है। प्रभावित इलाकों में लोगों की जरूरतों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

288 पशुओं का इलाज, 3640 किलो चारा वितरित

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी इंतजाम किए हैं। अब तक 288 पशुओं का उपचार किया गया है। वहीं पशुओं के लिए 3640 किलोग्राम चारा भी वितरित किया गया है।

तटबंधों की सुरक्षा के लिए इंजीनियर हाई अलर्ट पर

दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी के साथ तटबंधों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन के अनुसार तिरहुत तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।

हाजीपुर, महनार, लालगंज और राघोपुर में SDRF तैनात

बाढ़ और तटबंधों की निगरानी के लिए जिला स्तर से अतिरिक्त वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आपातकालीन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF की टीमों को हाजीपुर, महनार, लालगंज और राघोपुर के संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रखा गया है।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

बाढ़ से संबंधित सूचना, सहायता या आपात स्थिति में लोग जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष या संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

  • जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233 / 06224-260234
  • अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215
  • नियंत्रण कक्ष, लालगंज: 9031671275
  • नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 7488386436
  • नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 7319925832
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