Homeराज्ययुवाओं को ‘मक्खी’ और ‘कॉकरोच’ कहना लोकतंत्र का अपमान: मुकेश सहनी

युवाओं को ‘मक्खी’ और ‘कॉकरोच’ कहना लोकतंत्र का अपमान: मुकेश सहनी

पटना : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने युवाओं को कथित तौर पर ‘मक्खी’ और ‘कॉकरोच’ कहे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं का इस तरह अपमान करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

मुकेश सहनी ने कहा कि यह वही देश है, जहां शहीद जुब्बा सहनी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसे क्रांतिकारियों ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया। इन वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की आजादी और आने वाली पीढ़ियों के सम्मान के लिए रास्ता बनाया।

उन्होंने कहा कि आज जब युवा रोजगार, शिक्षा, अवसर, अधिकार और संविधान से जुड़े सवाल उठाते हैं, तो उनके सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें अपमानित करना उचित नहीं है। युवाओं को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वही देश की ताकत हैं और भविष्य के भारत का निर्माण करेंगे।

सहनी ने कहा कि सवाल पूछने वाले युवा और युवतियां लोकतंत्र की ताकत हैं, न कि ‘मक्खी’ या ‘कॉकरोच’। सरकार और सत्ता में बैठे लोगों को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनके सवालों का सम्मानपूर्वक जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। संविधान नागरिकों को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है। युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की गरिमा और संविधान का सम्मान कायम रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments