डेस्क : रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने दिल्ली के पॉश इलाके महारानी बाग में स्थित 54.71 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है।
किसके नाम पर दर्ज है संपत्ति?
ईडी के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्ति महारानी बाग के प्लॉट नंबर ए-3 (नया) पर स्थित है। यह संपत्ति दस्तावेजों में मेसर्स सुरभि एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है। एजेंसी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। इस मामले की जांच यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दर्ज 18 FIR के आधार पर की जा रही है।
घर खरीदारों के हजारों करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
जांच के अनुसार, आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय परियोजनाएं शुरू कर घर खरीदारों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने तीन साल के भीतर मकान देने और रिटर्न का वादा किया था, लेकिन कई परियोजनाएं अधूरी रह गईं।
फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटरों ने घर खरीदारों की 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कथित तौर पर फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर की थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, ग्रुप की कंपनियों और मुखौटा कंपनियों के जरिए धनराशि को इधर-उधर किया गया और उसका इस्तेमाल निजी जरूरतों के लिए किया गया।
डायवर्ट किए गए पैसों से खरीदी गई संपत्ति?
जांच एजेंसी के अनुसार, घर खरीदारों से जुटाई गई रकम में से एक बड़ा हिस्सा आम्रपाली के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा के परिजनों और अन्य माध्यमों से सुरभि एडवरटाइजिंग को कर्ज के रूप में दिया गया था। इसी धनराशि का इस्तेमाल महारानी बाग स्थित संपत्ति खरीदने में किए जाने का आरोप है।
ईडी ने संपत्ति को कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़ा मानते हुए अस्थायी रूप से कुर्क किया है। मामले में जांच जारी है।
