पटना : बिहार में मतदाता सूची को अपडेट करने और छूटे हुए योग्य नागरिकों का नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे। खास तौर पर उन युवाओं और नागरिकों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह अभियान एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। BLO पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरने में सहायता करेंगे।
अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे।
मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों पर भी रहेगा ध्यान
इस अभियान के तहत केवल सामान्य आवासीय इलाकों में ही नहीं, बल्कि मजदूर बस्तियों, रैन बसेरों और बेघर नागरिकों तक भी पहुंच बनाई जाएगी। कमजोर वर्गों के ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जो पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
इसके लिए जरूरत के अनुसार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को पंजीकरण की सुविधा मिल सके।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा होगी सूची
अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहचाने गए पात्र नागरिकों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा की जाएगी। इसके अलावा, निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) भी मतदान केंद्रवार पंजीकृत मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे।
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना क्यों जरूरी?
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना जरूरी है। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे निर्वाचन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिक बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट https://ceoelection.bihar.gov.in
