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संविधान की रक्षा के लिए मजबूत न्यायपालिका जरूरी, आम आदमी को समय पर मिले न्याय: देव ज्योति

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पटना : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण और न्यायपालिका की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत न्याय व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलना चाहिए, ताकि लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा कायम रहे।

देव ज्योति ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और न्यायपालिका की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं। न्यायपालिका भारतीय संविधान की संरक्षक है और आम नागरिक इससे निष्पक्ष न्याय की उम्मीद करता है। ऐसे में नागरिकों के अधिकारों, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की शक्तियां असीमित नहीं होती हैं। संविधान ने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की जवाबदेही और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है। यदि न्यायालयों के आदेशों का प्रभावी अनुपालन नहीं होता या लोगों को न्याय मिलने में अनावश्यक देरी होती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

वीआईपी प्रवक्ता ने कहा कि न्याय का उद्देश्य केवल आदेश जारी करना नहीं, बल्कि उन आदेशों का समय पर और प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना भी है। आम नागरिक को न्याय पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है।

देव ज्योति ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा, बिना उचित सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रखे जाने से जुड़े आरोपों और पत्रकारों की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए रचनात्मक आलोचना और संवैधानिक संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। संविधान की भावना के अनुरूप संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना समय की जरूरत है। इसका उद्देश्य किसी संस्था को कमजोर करना नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता, स्वतंत्रता और विश्वसनीयता को मजबूत करना होना चाहिए।

देव ज्योति ने कहा कि देश का संविधान सर्वोपरि है। जनता चाहती है कि न्यायपालिका निर्भीक और निष्पक्ष होकर संविधान की रक्षा करे तथा प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय मिले। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

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