नई दिल्ली/पटना : केंद्रीय मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर देश में अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ललन सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
ललन सिंह ने राहुल गांधी की तुलना उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक दौर से करते हुए कहा कि जिस तरह इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल लगाया था, उसी तरह राहुल गांधी सत्ता हासिल करने के लिए देश में अराजकता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। यह ललन सिंह का राजनीतिक आरोप है।
संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
ललन सिंह ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट जैसे संवैधानिक संस्थानों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदमों से संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने देना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि किसी मुद्दे पर आपत्ति है तो उसके समाधान के लिए कानूनी और संवैधानिक रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस को आत्ममंथन करने की दी सलाह
जेडीयू नेता ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी नीतियों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण कई राज्यों में कमजोर हुई है।
ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष को केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से भी अपने राजनीतिक रुख में बदलाव लाने की बात कही।
इमरजेंसी का जिक्र कर राहुल गांधी को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ललन सिंह ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश ने पहले भी आपातकाल का दौर देखा है और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में आपातकाल लागू किया था, जो मार्च 1977 तक जारी रहा। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे।
वोटर लिस्ट विवाद के बीच बढ़ी सियासी बयानबाजी
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच विवाद जारी है। राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी दल विपक्ष के आरोपों का विरोध कर रहे हैं।
इसी राजनीतिक खींचतान के बीच ललन सिंह का बयान सामने आया है। उनके आरोपों और विपक्ष की आपत्तियों के बीच मतदाता सूची तथा चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज बनी हुई है।







