डेस्क: देशभर में आंदोलन के बाद नेहा बोरा के एक वीडियो संदेश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश के छात्र आंदोलन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के युवाओं ने उन्हें क्रांति का रास्ता दिखाया है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी ने निशाना साधा है और आंदोलन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, नेहा बोरा ने 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर वीडियो संदेश दिया था। इसमें उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरणा लेने और उसके अनुभवों से सीखने की बात कही।
अपने संदेश में नेहा बोरा ने कहा कि बांग्लादेश के युवाओं ने उन्हें रास्ता दिखाया है। उन्होंने धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ बांग्लादेश में चल रही लड़ाई और भारत के युवाओं के संघर्ष के बीच समानता बताई। उनका कहना था कि दोनों देशों के युवा अपने-अपने स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं और बेहतर दक्षिण एशिया तथा बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए साथ आ सकते हैं।
नेहा बोरा ने भारत की शिक्षा व्यवस्था के कथित भगवाकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जहां बांग्लादेश में युवा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ रहे थे, वहीं भारत में छात्र मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बांग्लादेश का सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट उस जुलाई विद्रोह में शामिल रहा था, जिसके बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसी आंदोलन का जिक्र करते हुए नेहा बोरा ने उससे प्रेरणा लेने की बात कही।
अब उनके इस बयान को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को भी घेरा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरणा लेने वाले नेहा बोरा के बयान पर विवाद आगे क्या मोड़ लेगा।







