पटना : अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को देश के मुद्दों पर अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी गैर-भारतीय नागरिक का देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
क्या बोले चिराग पासवान?
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि वह हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन करते रहे हैं। भारतीय नागरिकों को देश के मुद्दों पर अपनी राय रखने और अपनी चिंताओं को सामने रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने गैर-भारतीय नागरिकों की ओर से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किए जाने पर आपत्ति जताई।
चिराग पासवान के मुताबिक, भारतीय नागरिकों की चिंताओं और समस्याओं को गंभीरता से लेना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल भारत में काम करने या योगदान देने के आधार पर किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिक नहीं माना जा सकता।
इमरान खान को क्यों मिला भारत छोड़ने का नोटिस?
फिल्म अभिनेता इमरान खान को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। यह प्रदर्शन मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुआ था, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। अधिकारियों की ओर से यह कार्रवाई विदेशी नागरिक के रूप में उनके प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर की गई है।
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड होने की जानकारी सामने आई है। OCI कार्ड भारतीय नागरिकता के समान नहीं होता है।
नोटिस को अदालत में चुनौती देने पहुंचे इमरान खान
भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ इमरान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कानूनी राहत की मांग की है। ऐसे में अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
राजनीतिक और कानूनी बहस तेज
इमरान खान को नोटिस जारी होने के बाद देश में विदेशी नागरिकों के राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने और उनके अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर चिराग पासवान ने गैर-भारतीय नागरिकों के भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को अनुचित बताया है, वहीं इस मामले में इमरान खान की ओर से अदालत में चुनौती दिए जाने के बाद कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है।
अब देखना होगा कि बॉम्बे हाई कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और इमरान खान को जारी नोटिस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
