डेस्क : बिहार में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत UPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये, जबकि BPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
UPSC प्रीलिम्स पास करने पर ₹1 लाख
मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस राशि से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा की तैयारी, किताबें, स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज और अन्य जरूरी शैक्षणिक खर्चों को पूरा कर सकते हैं।
BPSC अभ्यर्थियों को मिलेंगे ₹50 हजार
बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC की संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को भी सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह सहायता मुख्य परीक्षा और आगे की चयन प्रक्रिया की तैयारी में आर्थिक मदद कर सकती है।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ UPSC या BPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों को स्वतः नहीं मिलता है। इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। बिहार का मूल निवासी होना और संबंधित विभाग की ओर से तय सामाजिक श्रेणी तथा अन्य शर्तों के अनुरूप पात्र होना आवश्यक हो सकता है।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। हालांकि, दस्तावेजों और पात्रता की वास्तविक सूची संबंधित विभाग के आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी।
ऐसे में आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। आवेदन की तारीख, जरूरी दस्तावेज और पात्रता की पुष्टि करने के बाद ही आवेदन करें, ताकि योजना का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
