गयाजी : बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए गया जिले के डोभी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) विकसित किया जा रहा है। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत बनने वाली यह परियोजना करीब 1,670 एकड़ में फैली होगी। इसका मकसद बिहार में विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा देना, बड़े निवेशकों को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम के अनुसार, इस परियोजना से करीब 16,524 करोड़ रुपये के निवेश और 1,09,185 रोजगार अवसरों की संभावना है।
1,670 एकड़ में विकसित होगा इंडस्ट्रियल क्लस्टर
गया जिले के डोभी प्रखंड के गम्भरिया, खरांटी और आसपास के राजस्व गांवों में इस औद्योगिक परियोजना का विकास किया जा रहा है। करीब 1,670.22 एकड़ में बनने वाला यह क्लस्टर बिहार में औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है। परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी भी मिल चुकी है।
जमीन समतल करने से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक की तैयारी
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भूमि की व्यवस्था, सीमांकन और जमीन समतल करने जैसे काम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) और परियोजना के लिए गठित कंपनी के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां उद्योगों की स्थापना के लिए जरूरी सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इन उद्योगों को मिलेगा निवेश का मौका
डोभी के इस औद्योगिक क्लस्टर में कई क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों के निवेश की संभावना है। इनमें कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, भवन निर्माण सामग्री, चमड़ा उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर, हस्तकरघा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और चिकित्सा उपकरण उद्योग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय कारोबार और छोटे उद्यमों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सड़क, रेल और हवाई मार्ग से मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
डोभी औद्योगिक क्लस्टर की लोकेशन भी इसकी बड़ी खासियत है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के आसपास स्थित है। इसके अलावा गया जंक्शन, गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और माल ढुलाई से जुड़ी रेल सुविधाओं तक पहुंच से उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से कच्चे माल की ढुलाई और तैयार उत्पादों को अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाना आसान हो सकता है।
बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाओं पर रहेगा जोर
किसी भी बड़े औद्योगिक क्षेत्र की सफलता के लिए मजबूत आधारभूत संरचना जरूरी होती है। डोभी क्लस्टर में नियमित जलापूर्ति, बिजली, आंतरिक सड़कें और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। इन सुविधाओं का समय पर तैयार होना औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और उत्पादन शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
1 लाख से ज्यादा रोजगार की उम्मीद, स्थानीय युवाओं को मिल सकता है फायदा
इस परियोजना से करीब 1,09,185 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा परिवहन, निर्माण, रखरखाव, भोजन, आवास और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक रोजगार के अवसर निवेश, उद्योगों की स्थापना और उत्पादन शुरू होने के बाद स्पष्ट होंगे।
बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत?
डोभी का इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाने की दिशा में एक अहम परियोजना है। करीब 16,524 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के साथ यह परियोजना गया और आसपास के इलाकों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि बुनियादी ढांचे का विकास कितनी तेजी से पूरा होता है और निवेशकों को यहां उद्योग स्थापित करने के लिए कितना आकर्षित किया जा सकता है।
