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काशी के आसमान में भारतीय वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन, एयर शो देखने घाटों पर उमड़े लोग

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वाराणसी : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी के आसमान में शनिवार को एक बार फिर भारतीय वायुसेना के साहस, कौशल और अदम्य पराक्रम का शानदार नजारा देखने को मिला। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के दूसरे दिन एयर शो देखने के लिए गंगा के दोनों तटों पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। लड़ाकू विमानों की गर्जना, आसमान में उनकी तेज रफ्तार और हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

गंगा के ऊपर जहां भारतीय वायुसेना की हवाई ताकत दिखाई दी, वहीं घाटों और तटों पर मौजूद लोगों के उत्साह ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। दर्शक भारत माता की जय, वंदे मातरम् और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। एयर शाे के अंतिम दिन रविवार काे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहेगी। इनमें मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह वाराणसी पहुंच चुके हैं जबकि प्रधानमंत्री माेदी रविवार काे वाराणसी पहुंचेंगे।

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ के तहत हुए इस प्रदर्शन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिराज-2000, मिग-29, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।

निर्धारित समय पूर्वांह 11:40 बजे गंगा के एक छोर से विमानों का आना शुरू हुआ। इसके बाद आसमान में अलग-अलग दिशाओं से विमानों की आवाजाही और सधे हुए हवाई करतबों का सिलसिला चलता रहा। तेज गति, सटीक तालमेल और रोमांचक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विमानों की तकनीक और क्षमताओं पर आधारित कमेंट्री ने कार्यक्रम को और भी रोचक बनाया। इससे लोगों को भारतीय वायुसेना की कार्यप्रणाली, विमानों की विशेषताओं और उनकी सामरिक क्षमता को करीब से समझने का अवसर मिला।

हवाई प्रदर्शन में लड़ाकू विमानों के अलावा हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान और अन्य सहायक विमानों ने भी हिस्सा लिया। हेलीकॉप्टर बेड़े में एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 शामिल रहे। परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई जैसे विमान शामिल थे। प्रदर्शन में भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टरों तथा भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान और एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर ने भी भाग लिया। भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बल की भागीदारी ने कार्यक्रम के सामरिक महत्व को और बढ़ाया।

आयोजित प्रदर्शन में कुल 100 विमानों ने भाग लिया। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल रहा। इन विमानों ने देश के 12 वायु अड्डों से उड़ान भरी। गंगा के ऊपर आयोजित इस भव्य प्रदर्शन ने भारतीय वायुसेना की हवाई शक्ति, तकनीकी दक्षता और व्यापक परिचालन क्षमता की झलक पेश की। वाराणसी में आयोजित यह एयर शो काशीवासियों और यहां पहुंचे पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बना। गंगा के दोनों किनारों से आसमान में उड़ते विमानों को निहारते दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। ‘विंग्स ओवर गंगा’ का पहला प्रदर्शन 22 अक्टूबर को हुआ था। 24 अक्टूबर के बाद अब तीसरा और अंतिम प्रदर्शन 25 अक्टूबर को हाेगा।

देशभक्ति की प्रस्तुतियों ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण

एयर शो के दौरान लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। नमो घाट पर देशभक्ति के गीतों पर नृत्य प्रस्तुत करते हुए वसंत महिला महाविद्यालय और अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने इस आयोजन में भागीदारी को गौरवपूर्ण अनुभव बताया। श्रेया तिवारी और आकृति श्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना के शौर्य के बीच देशभक्ति की प्रस्तुति देने का अवसर उनके लिए गर्व की बात है।

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