पटना : बिहार के पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड स्थित तिनेरी के श्री जगमोहन 10+2 उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन निर्माण में कथित अनियमितता का मामला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार तक पहुंच गया है। सुनवाई के दौरान मांगी गई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने और अधूरी जानकारी देने पर प्राधिकार ने पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि उनके वेतन से काटकर सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी।
अधूरी रिपोर्ट पर प्राधिकार ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान प्राधिकार ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट और अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मांगी गई जानकारी पूरी नहीं मिलने पर प्राधिकार ने नाराजगी जताई और जिला शिक्षा पदाधिकारी पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
अधिवक्ता अजय कुमार ने दर्ज कराई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, तिनेरी निवासी अधिवक्ता अजय कुमार ने विद्यालय भवन निर्माण में कथित अनियमितता और संबंधित विभागों की उदासीनता को लेकर लोक शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सुनवाई के दौरान प्राधिकार ने कई बार अंतरिम आदेश जारी कर पटना के जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी थी।
अंचलाधिकारी की रिपोर्ट का भी मामला
सुनवाई के दौरान मसौढ़ी के अंचलाधिकारी की ओर से अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी उल्लेख किया गया। प्राधिकार ने आवश्यक जानकारी और रिपोर्ट उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। हालांकि, विद्यालय भवन निर्माण में कथित अनियमितता की प्रकृति और उसकी पुष्टि से जुड़े विस्तृत तथ्य अभी स्पष्ट नहीं हैं।
30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
प्राधिकार ने पटना के जिलाधिकारी को संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली सुनवाई से दो दिन पहले स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुनवाई पटना स्थित शिक्षा विभाग के नए सचिवालय परिसर के विकास भवन में होगी। अगली सुनवाई में संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
