पटना : बिहार में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली गाड़ियों के संचालन पर सख्ती की तैयारी की है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को बच्चों को लाने और ले जाने वाली गाड़ियों को स्कूल परिसर में खड़ा कराने की व्यवस्था करनी होगी, ताकि बच्चों को सड़क पार करके वाहनों में नहीं बैठना पड़े। इस व्यवस्था के दायरे में स्कूल की अपनी गाड़ियों के साथ बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल होने वाली निजी गाड़ियां भी शामिल होंगी।
परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
निर्धारित सीट के अनुसार बैठेंगे छात्र
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली वाहनों में बच्चों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाएगा। सीट से अधिक बच्चों को बैठाने और छोटी गाड़ियों में ओवरलोडिंग करने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल होने वाली छोटी और बड़ी गाड़ियों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार हो। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की स्थिति में वाहन और चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हर तीन महीने पर होगी एमवीआइ की बैठक
बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआइ) हर तीन महीने पर स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा।
बैठक के दौरान बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में होने वाली समस्याओं, वाहनों के संचालन और सुरक्षा मानकों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निजी गाड़ियों का भी रखना होगा पूरा रिकॉर्ड
स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली निजी गाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड स्कूल प्रशासन को रखना होगा। इसमें वाहन से संबंधित जानकारी के साथ चालक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का विवरण शामिल होगा।
इस व्यवस्था से जरूरत पड़ने पर संबंधित वाहन और चालक की पहचान करने में आसानी होगी। स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों और उनके चालकों की जानकारी उपलब्ध रहे।
सुरक्षा मानकों की होगी नियमित समीक्षा
एमवीआइ, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच होने वाली त्रैमासिक बैठकों में स्कूली वाहनों के संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। अभिभावकों की भागीदारी से वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, छोटी गाड़ियों के गलत इस्तेमाल और अन्य अनियमितताओं की जानकारी भी सामने आ सकेगी।
नियम तोड़ने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में निर्धारित क्षमता का पालन करना अनिवार्य होगा। ओवरलोडिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान होने वाले संभावित हादसों से बचाना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर निगरानी और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा।
