पटना : बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं के जरिए जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में काम जारी है। इसी कड़ी में बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल परियोजना को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पुल के निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होने के साथ ही पटना में ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना को जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अक्टूबर 2027 में इसे यातायात के लिए चालू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
मिली जानकारी के अनुसार, बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। गंगा नदी पर बन रहा यह पुल बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके चालू होने से यात्रियों को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और कई इलाकों के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है।
परियोजना के पूरा होने से पटना के रास्ते गुजरने वाले वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है। खासकर उन वाहनों को राहत मिलने की संभावना है, जिन्हें उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार या झारखंड की ओर जाने के लिए पटना से होकर गुजरना पड़ता है।
पुल के निर्माण में कितना काम बाकी?
परियोजना से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, पुल के दोनों छोर पर निर्माण कार्य तेज किया गया है। पटना की ओर 19 स्पैन और समस्तीपुर के दियारा क्षेत्र की तरफ 6 स्पैन लगाए जा चुके हैं। वहीं, अभी 19 स्पैन लगाने का काम बाकी बताया जा रहा है। इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
इस परियोजना के तहत करीब 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन सड़क मार्ग विकसित किया जा रहा है। इसमें गंगा नदी पर लगभग 5.57 किलोमीटर लंबा पुल भी शामिल है। निर्माण पूरा होने के बाद स्टेट हाईवे-106 और नेशनल हाईवे-28 के बीच सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
पटना में प्रवेश किए बिना जा सकेंगे दूसरे जिलों में
बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल के चालू होने से उत्तर बिहार के कई जिलों से दक्षिण बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले वाहनों को नया विकल्प मिल सकता है। हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा की तरफ से आने वाले वाहन पटना शहर में प्रवेश किए बिना बख्तियारपुर के रास्ते फोरलेन एसएच-106 से आगे बढ़ सकेंगे।
इससे पटना की सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। वहीं, बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अपने गंतव्य के अनुसार वैकल्पिक मार्ग का लाभ मिल सकता है। इससे महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु पर निर्भरता कम करने की संभावना है।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच मजबूत होगा संपर्क
बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल परियोजना पूरी होने के बाद सड़क परिवहन, व्यापार और माल ढुलाई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग जिलों के बीच सीधा संपर्क बेहतर होने से यात्रियों को समय की बचत हो सकती है और परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बन सकती है।
हालांकि, पुल को निर्धारित समय पर पूरा करना और यातायात के लिए खोलना निर्माण कार्य की प्रगति तथा संबंधित विभागों की तैयारियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल जुलाई 2027 तक निर्माण पूरा करने और अक्टूबर 2027 में इसे चालू करने की संभावित समयसीमा सामने आई है।
