Home राज्य अनंत सिंह को लेकर JDU में घमासान, RJD का बड़ा दावा- नीरज...

अनंत सिंह को लेकर JDU में घमासान, RJD का बड़ा दावा- नीरज कुमार की हार की पटकथा तैयार!

0

डेस्क : बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर चल रही खींचतान अब बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह और जेडीयू के वरिष्ठ नेता व विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच जारी विवाद पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एनडीए पर निशाना साधा है। आरजेडी ने दावा किया है कि जेडीयू के भीतर दो गुट बन गए हैं और इस अंदरूनी कलह का सीधा फायदा विपक्षी उम्मीदवारों को मिल सकता है।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच क्यों छिड़ा विवाद?

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन सीट पर जेडीयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वहीं, मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह खुलकर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में उतर गए।

अनंत सिंह ने अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी उनका साथ दिया और चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। इससे जेडीयू के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार हैं और पार्टी के ही विधायक उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे।

दोनों नेताओं के बीच विवाद की जड़ पुरानी राजनीतिक अदावत बताई जाती है। अनंत सिंह का आरोप रहा है कि नीरज कुमार ने उनके राजनीतिक सफर में कई बार उनका विरोध किया। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने अपनी राजनीतिक निष्ठा और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया है।

RJD ने बताया विवाद के पीछे की वजह

इस विवाद पर आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने जेडीयू नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का विवाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान से भी जुड़ गया है।

आरजेडी के मुताबिक, जेडीयू के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही कथित खींचतान का असर पटना स्नातक सीट पर दिखाई दे रहा है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि अनंत सिंह के समर्थन से जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, जेडीयू के भीतर अलग-अलग गुटों के सक्रिय होने और वरिष्ठ नेताओं के बीच किसी बड़े टकराव की बात आरजेडी का राजनीतिक दावा है। इसे पार्टी की आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

‘नीरज कुमार की हार की पटकथा तैयार’, RJD की भविष्यवाणी

आरजेडी ने इस पूरे घटनाक्रम को नीरज कुमार के लिए चुनौतीपूर्ण बताया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने दावा किया कि जेडीयू के अंदर चल रही खींचतान से नीरज कुमार की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है।

आरजेडी का तर्क है कि जब सत्ताधारी दल के भीतर ही उसके उम्मीदवार के खिलाफ विरोध सामने आएगा, तो इसका असर मतदाताओं और चुनावी प्रबंधन पर भी पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, जेडीयू के नेताओं ने गठबंधन की एकजुटता पर भरोसा जताया था और कहा था कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को संभालने में सक्षम है। ऐसे में आरजेडी की भविष्यवाणी कितनी सही साबित होती है, यह चुनाव परिणाम से ही स्पष्ट होगा।

JDU ने अनंत सिंह पर की बड़ी कार्रवाई

विवाद के बीच जेडीयू ने 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने इस कार्रवाई के पीछे पार्टी-विरोधी गतिविधियों, निर्देशों की अवहेलना और आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने जैसे आरोपों का हवाला दिया।

जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। हालांकि, विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।

इस कार्रवाई के बाद जेडीयू और अनंत सिंह के बीच टकराव ने नया मोड़ ले लिया है।

MLC चुनाव के नतीजों पर टिकी निगाहें

बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ। मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होनी है।

पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला खास चर्चा में रहा। अनंत सिंह के समर्थन और जेडीयू के भीतर पैदा हुए विवाद ने इस सीट को और दिलचस्प बना दिया है।

अब सबकी निगाहें चुनाव परिणाम पर हैं। सवाल यह है कि क्या जेडीयू अपने आधिकारिक उम्मीदवार को जीत दिलाने में सफल होगी या पार्टी के अंदरूनी विवाद का फायदा विपक्षी उम्मीदवार को मिलेगा? इसका जवाब मतगणना के बाद ही सामने आएगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
राज्य

CM सम्राट चौधरी ने की विकास वैभव की तारीफ, बिहार में निवेश को लेकर क्या है तैयारी?

Exit mobile version