पटना : बिहार की राजधानी पटना के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र न्यू मार्केट की तस्वीर बदलने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने पटना न्यू मार्केट पुनर्विकास परियोजना को 498.40 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, पार्किंग की समस्या को दूर करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है।
498 करोड़ रुपये से बदलेगी न्यू मार्केट की सूरत
पटना जंक्शन के नजदीक स्थित न्यू मार्केट राजधानी के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। हालांकि, बाजार में भीड़, पार्किंग की कमी और सड़क किनारे लगने वाली दुकानों के कारण यातायात प्रभावित होता है।
पुनर्विकास परियोजना के तहत इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र से मिली सैद्धांतिक मंजूरी की जानकारी साझा की है।
बाजार में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित परियोजना के तहत न्यू मार्केट क्षेत्र में कई अहम बदलाव किए जाने की योजना है।
- बेहतर पार्किंग व्यवस्था: बाजार आने वाले लोगों के लिए वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित किया जाएगा।
- आधुनिक व्यावसायिक परिसर: दुकानदारों और व्यापारियों के लिए बेहतर व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- व्यवस्थित वेंडिंग जोन: सड़क किनारे कारोबार करने वाले विक्रेताओं को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने की योजना है।
- बेहतर यातायात प्रबंधन: बाजार और आसपास की सड़कों पर आवागमन को सुगम बनाने पर जोर दिया जाएगा।
- आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा: बाजार क्षेत्र को शहर की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
इन सुविधाओं से व्यापारियों और ग्राहकों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना का अंतिम स्वरूप और निर्माण की विस्तृत समयसीमा संबंधित आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
व्यापारियों और ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
न्यू मार्केट में पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। व्यवस्थित पार्किंग और वेंडिंग जोन से बाजार क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
वहीं, दुकानदारों को आधुनिक व्यावसायिक परिसर और बेहतर बुनियादी ढांचे का लाभ मिल सकता है। हालांकि, निर्माण के दौरान मौजूदा दुकानों के संचालन, दुकानदारों के पुनर्वास और कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
PPP मॉडल पर विकसित होगी परियोजना
इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित करने का प्रस्ताव है। इस मॉडल में सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजना को आगे बढ़ाया जाता है।
केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के कार्यान्वयन से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी। निर्माण कब शुरू होगा और इसे पूरा करने का लक्ष्य क्या होगा, इस संबंध में अभी स्पष्ट समयसीमा उपलब्ध नहीं है।
पटना के शहरी विकास की दिशा में अहम पहल
पटना में बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच पुराने बाजारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना शहरी विकास की जरूरत बन गया है। न्यू मार्केट पुनर्विकास परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
498.40 करोड़ रुपये की इस प्रस्तावित योजना से बाजार क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का रास्ता खुला है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि परियोजना का अंतिम खाका कब सामने आता है और निर्माण कार्य कब शुरू होता है।
