पटना : बिहार में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिहार में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 से 31 अक्टूबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 31 अक्टूबर तक भी गरज-चमक और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
30 और 31 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर को निम्नलिखित जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है:
- समस्तीपुर
- मुजफ्फरपुर
- सीवान
- मधुबनी
- सीतामढ़ी
- वैशाली
- गोपालगंज
- पूर्वी चंपारण
- पश्चिमी चंपारण
इसके अलावा बिहार के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बिहार में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर पानी भरने तथा यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने की भी संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन खराब मौसम के दौरान दैनिक गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
किसानों की बढ़ सकती है चिंता, फसलों को नुकसान की आशंका
मौसम में बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। धान और मक्का जैसी खरीफ फसलों की कटाई के दौरान बारिश होने से उपज भीगने और खराब होने का खतरा है। तेज हवाओं से खड़ी फसलों तथा केले, पपीते और अन्य फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकें तथा खेतों में जलजमाव की आशंका होने पर जलनिकासी की व्यवस्था करें। खराब मौसम के दौरान कटाई और अन्य कृषि कार्यों को लेकर स्थानीय कृषि मौसम सलाह का पालन करें।
वज्रपात से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- बारिश और बिजली गिरने की आशंका के बीच आम लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले मैदान या खेत में न रुकें।
- ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहें।
- संभव हो तो किसी मजबूत और पक्के भवन के अंदर शरण लें।
- तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचे और खुले स्थानों से दूर रहें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान दें।
31 अक्टूबर तक सतर्क रहने की जरूरत
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बिहार में 31 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने की आशंका है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देने और आम नागरिकों को वज्रपात से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
