सुपौल : किशनपुर में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने अग्निवीर योजना, देश की सैन्य शक्ति और भ्रष्टाचार को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए आर्थिक शक्ति से ज्यादा जरूरी सैन्य शक्ति है। भारत को आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ सामरिक रूप से भी शक्तिशाली बनना होगा।
किशनपुर के अभुआर स्थित आदर्श मिडिल स्कूल में आयोजित इस समारोह में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए आरके सिंह ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ कहा कि अग्निवीर योजना का फैसला सही नहीं था। इस मुद्दे पर वह पहले भी अपनी बात रख चुके हैं और अब एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।
उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य सेवाओं में समायोजित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अमेरिका-ईरान संघर्ष का जिक्र करते हुए आरके सिंह ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर गलत हमला किया है, लेकिन सैन्य ताकत के सामने कई देश खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उनके मुताबिक, यह स्थिति बताती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य शक्ति कितनी महत्वपूर्ण है।
समारोह में आरके सिंह ने भ्रष्टाचार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार को देश को खोखला करने वाली दीमक बताते हुए कहा कि यह देश का खून चूस रहा है। इसे खत्म करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से अपील की कि जिस तरह उन्होंने सीमा पर देश की रक्षा की, उसी तरह अब समाज और व्यवस्था को सुधारने में भी अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत भी मौजूद रहे। उन्होंने पूर्व सैनिकों की मांगों पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। सांसद ने सैनिकों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करने की बात कही। साथ ही जिले में सड़क, रेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर भी अपनी योजनाओं का जिक्र किया।
इस पूर्व सैनिक सम्मान समारोह का उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मान दिलाने के साथ उन्हें पेंशन, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर भी चर्चा हुई।
कुल मिलाकर, सुपौल के इस कार्यक्रम में आरके सिंह के अग्निवीर योजना पर दिए गए बयान और प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के ऐलान ने नई चर्चा शुरू कर दी है।
