पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा छोड़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री की इस अपील के बाद बिजली सब्सिडी और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस अपील के पीछे सरकार का उद्देश्य और किन उपभोक्ताओं से यह आग्रह किया गया है, यह जानना महत्वपूर्ण है।
आर्थिक रूप से संपन्न और इनकम टैक्स देने वालों से खास अपील
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 नवंबर को पटना में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह अपील की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी है और जो इनकम टैक्स देते हैं, उन्हें स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी छोड़ देनी चाहिए। इससे राज्य के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
हर साल बिजली सब्सिडी पर खर्च हो रहे 23 हजार करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार पर सरकार की ओर से सालाना लगभग 8 हजार से 10 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में सभी आर्थिक वर्गों के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में सक्षम परिवार यदि स्वेच्छा से इस सुविधा का लाभ छोड़ते हैं, तो सरकारी खजाने पर सब्सिडी का बोझ कम हो सकता है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में खर्च हो सकती है बचत की राशि
मुख्यमंत्री ने इस अपील को बिहार के विकास और शिक्षा व्यवस्था से भी जोड़ा। उनका कहना है कि मुफ्त बिजली सब्सिडी पर होने वाले खर्च में बचत होने से उस राशि का उपयोग शिक्षा सहित अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा को राज्य की प्रगति और युवाओं के बेहतर भविष्य की बुनियाद बताया।
क्या बंद हो जाएगी 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना?
मुख्यमंत्री की अपील के बाद उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सरकार 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को बंद करने जा रही है? फिलहाल मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। उनकी अपील केवल आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले उपभोक्ताओं से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने को लेकर है।
यानी फिलहाल 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद करने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। सब्सिडी छोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी इस बयान में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
युवाओं को लोकतंत्र और विकसित भारत के निर्माण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने लंबा संघर्ष किया था। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाएं और देश के विकास में योगदान दें।
