पटना : बिहार में जल्द ही यात्रियों को टैक्सी बुकिंग के लिए एक नया विकल्प मिलने जा रहा है। राज्य में भारत टैक्सी (Bharat Taxi) सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इस सेवा के शुरू होने से यात्रियों को मोबाइल ऐप के जरिए टैक्सी और ऑटो बुक करने की सुविधा मिलेगी। वहीं, टैक्सी चालकों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार और कमाई का नया अवसर मिलेगा।
भारत टैक्सी सेवा को बिहार में नवंबर 2026 के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसको लेकर सोमवार को परिवहन सचिव राज कुमार की अध्यक्षता में पटना के विश्वेश्वरैया भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेवा के प्रस्तावित शुभारंभ, वाहन एवं चालक पंजीकरण, परमिट संबंधी नियमों और आईटी प्लेटफॉर्म की तैयारियों की समीक्षा की गई।
पहले चरण में इन 4 जिलों में शुरू होगी सेवा
बिहार में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत पहले चरण में चार जिलों से करने की योजना है। इनमें शामिल हैं:
1. पटना
2. गया
3. वैशाली
4. मुजफ्फरपुर
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बताया कि शुरुआती चरण में इन चार जिलों में सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए ऑटो और कैब एसोसिएशन के सहयोग से अधिक से अधिक चालकों को भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
2,005 टैक्सी चालक प्लेटफॉर्म से जुड़े
भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु के अनुसार, बिहार में अब तक करीब 2,005 टैक्सी चालक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को ऐप के माध्यम से वाहन बुक करने का विकल्प मिलेगा।
क्या है भारत टैक्सी सेवा?
भारत टैक्सी एक मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी बुकिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन सहकारी मॉडल पर किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि सहकारी समिति के सदस्य और हिस्सेदार भी बन सकते हैं।
इस मॉडल के तहत चालक समिति के प्रबंधन में प्रतिनिधित्व कर सकते हैं और मुनाफे में हिस्सेदारी प्राप्त करने की व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं। इसका उद्देश्य टैक्सी चालकों को पारंपरिक एग्रीगेटर कंपनियों पर निर्भरता से अलग एक वैकल्पिक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
भारत टैक्सी सेवा शुरू होने से बिहार के यात्रियों को टैक्सी और ऑटो बुकिंग के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। ऐप के जरिए वाहन की उपलब्धता और किराये की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी। इसके साथ ही डिजिटल ट्रैकिंग और सुरक्षा संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस पहल से स्थानीय टैक्सी और ऑटो चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का अवसर मिलेगा। अब देखना होगा कि नवंबर के अंत तक बिहार में इस सेवा की शुरुआत किस तरह होती है और पहले चरण के बाद इसका विस्तार किन अन्य जिलों में किया जाता है।







