Homeराज्यपप्पू यादव ने उठाया सवाल: अनंत सिंह को नोटिस, राजू सिंह के...

पप्पू यादव ने उठाया सवाल: अनंत सिंह को नोटिस, राजू सिंह के मामले में चुप्पी क्यों?

पटना : बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर जारी विवाद के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने विधानसभा की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अनंत सिंह को नोटिस जारी किए जाने और भाजपा विधायक राजू सिंह के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर कथित दोहरे मापदंड का मुद्दा उठाया है।

पप्पू यादव ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से सवाल किया कि जब अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की प्रक्रिया में इतनी तेजी दिखाई जा रही है, तो हत्या के एक मामले में चार साल की सजा पा चुके भाजपा विधायक राजू सिंह के मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

अनंत सिंह को सात दिनों में देना है जवाब

दरअसल, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी।

जेडीयू का आरोप है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया।

इस शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय ने अनंत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

राजू सिंह के मामले को लेकर भी उठाया सवाल

पप्पू यादव ने भाजपा विधायक राजू सिंह का मामला उठाते हुए कहा कि दिल्ली की अदालत ने जुलाई 2026 में उन्हें हत्या के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हालांकि, सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजू सिंह की सजा निलंबित कर दी थी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

इसी आधार पर पप्पू यादव ने सवाल किया कि अनंत सिंह के मामले में तत्काल नोटिस जारी किया गया, लेकिन राजू सिंह के मामले में विधानसभा की ओर से वैसी सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई?

विधानसभा की कार्रवाई पर उठे सवाल

पप्पू यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में विधानसभा सदस्यों की सदस्यता और दल-बदल कानून के प्रावधानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

गौरतलब है कि अनंत सिंह और राजू सिंह दोनों के मामले अलग-अलग कानूनी और प्रक्रियागत परिस्थितियों से जुड़े हैं। अनंत सिंह का मामला दल-बदल कानून के तहत की गई शिकायत से संबंधित है, जबकि राजू सिंह का मामला आपराधिक मामले में दोषसिद्धि और सदस्यता पर उसके प्रभाव से जुड़ा है।

अब देखना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष दोनों मामलों में आगे क्या कदम उठाते हैं और अनंत सिंह अपने नोटिस के जवाब में क्या पक्ष रखते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments