पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए रील बनाना और सोशल मीडिया पर वीडियो शूट करना आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने विद्यालय परिसर में शिक्षण कार्य के दौरान वीडियो बनाने और बच्चों को शामिल कर रील शूट करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग का कहना है कि स्कूल पढ़ाई के लिए हैं, न कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का मंच। बच्चों की निजता, मौलिक अधिकारों और शैक्षणिक माहौल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। विभाग के प्रशासन निदेशक विजय कुमार पांडेय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षण कार्य के दौरान शिक्षक और अन्य कर्मचारी विद्यालय परिसर में वीडियो नहीं बना सकेंगे। खासकर बच्चों को शामिल कर रील शूट करने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने की अनुमति नहीं होगी।
बच्चों की निजता और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
शिक्षा विभाग ने इस प्रतिबंध के पीछे बच्चों के मौलिक अधिकारों और निजता की सुरक्षा को प्रमुख कारण बताया है। विभाग का मानना है कि बच्चों की तस्वीरें और वीडियो उनकी निजता तथा आवश्यक अनुमति का ध्यान रखे बिना सोशल मीडिया पर साझा करना उचित नहीं है। इससे उनके निजी जीवन के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पढ़ाई छोड़ रील बनाने पर विभाग सख्त
विभाग ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि कुछ शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के दौरान मोबाइल से रील बनाते हैं। कई बार पढ़ाई के बीच वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जाता है। इससे कक्षा का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है और शिक्षकों का ध्यान पढ़ाने के बजाय वीडियो बनाने में लग जाता है। विभाग ने इसे सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही माना है।
सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए लिखित अनुमति जरूरी
नए निर्देश के अनुसार, विद्यालय परिसर में सोशल मीडिया से जुड़ी गतिविधियों के लिए लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा। बिना अनुमति वीडियो शूटिंग या अन्य सोशल मीडिया गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले पहनावे को लेकर भी जारी हुआ था निर्देश
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने हाल ही में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के पहनावे को लेकर भी सख्ती दिखाई थी। जींस और टी-शर्ट पहनकर विद्यालय आने पर रोक लगाते हुए औपचारिक कपड़े पहनने का निर्देश दिया गया था। अब रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने को लेकर नया आदेश जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल की नियुक्ति के बाद विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली को लेकर कई निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का जोर विद्यालयों में अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर है।
इस नए आदेश से स्पष्ट है कि सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के समय सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्ती बरतना चाहती है। विभाग की प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा, निजता और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है।
