पटना : जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि बिहार को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की नींव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। राज्य में अब तक करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आना बिहार के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में खराब सड़कें, बिजली की कमी, कमजोर आधारभूत संरचना और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से कतराते थे। लेकिन नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद सड़कों, बिजली और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन पैकेज और कई तरह की रियायतें भी दी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि छोटे और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है। वहीं, बिहार के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है।
उन्होंने बिहार बिजनेस कनेक्ट को राज्य में निवेश बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2024 के दौरान 423 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए करीब 1 लाख 80 हजार 899 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से जुड़े एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार से पांच नए औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का आग्रह भी किया गया है। इन पहलों से बिहार में उद्योगों का विस्तार होगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
