Home देश चाईबासा में भव्य तरीके से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

चाईबासा में भव्य तरीके से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

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पश्चिमी सिंहभूम, 09 अगस्त: आदिवासी समाज की एकता, पहचान, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को चाईबासा के सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

विश्व आदिवासी दिवस आयोजन समिति कोल्हान, चाईबासा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न प्रखंडों के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पहुंचे। आयोजन समिति के अनुसार समारोह में 25 हजार से अधिक महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल हुए।

समारोह में विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, उपायुक्त मनीष कुमार,चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन समिति के संयोजक गणेश पाट पिंगुवा के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद विभिन्न आदिवासी समाज के पाहन और दिउरी ने सामूहिक पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। समारोह में आदिवासी समाज के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष और योगदान को याद किया गया।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर हो, मुंडा, उरांव, संथाल, भूमिज, लोहरा, बिरहोर, मानकी-मुंडा समेत 40 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही। पारंपरिक परिधानों में पहुंचे महिला-पुरुषों और युवाओं ने अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और एकजुटता का संदेश दिया। विभिन्न जनजातीय समुदायों के पारंपरिक गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने समारोह को आकर्षण का केंद्र बना दिया। ढोल, मांदर सहित पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कलाकारों की प्रस्तुतियों से पूरा मैदान उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।

समारोह के दौरान समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, साहित्य, कला, कृषि, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, पत्रकारिता, विज्ञान और उद्यमिता समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। दिव्यांग प्रेरणा सम्मान से लबती होनहागा, वृद्ध आश्रम क्षेत्र में कार्य के लिए कुनी पूर्ति, महिला सशक्तिकरण के लिए मंजू बिरूली, युवा नेतृत्व के लिए प्रधान बानसिंग तथा उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में विमल किशोर बोयपाई और सुरेश चंद्र सिंकू को सम्मान मिला।

भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में जवाहरलाल बंकिरा और तिलक बारी, कृषि एवं प्राकृतिक खेती में कन्हैया लाल हेम्ब्रम और बुधन पुरती, पारंपरिक ज्ञान संरक्षण में बोयो गागराई तथा कला एवं संस्कृति में सतीश सामड, विश्वनाथ लकड़हारा और पुष्परा सावंत को सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में विजय सिंह सुन्डी और महिर्षी महेन्द्र सिंकू, पर्यावरण संरक्षण में तिलक बारी तथा स्वास्थ्य सेवा में सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी, डॉ. शिवचरण हांसदा और डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम को सम्मान मिला। इसके अलावा उद्यमिता एवं रोजगार सृजन, पत्रकारिता, विज्ञान एवं नवाचार, सामुदायिक नेतृत्व तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वालों को भी सम्मानित किया गया। संचू तिर्की को जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में आदिवासी भाषा, धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लिया गया।

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