नई दिल्ली, 10 अगस्त : दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में समन पर पेश नहीं होने के मामले में ईडी की ओर से जारी समन के मामले में बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दे दिया है। जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने ये आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की ओर से वकालतनामा दाखिल कर दिया गया है, जिसके बाद कोर्ट ने जवाब देने के लिए समय दे दिया। ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में समन पर पेश नहीं होने के मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी की ओर से जारी समन के मामले में बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
बतादें कि 22 जनवरी को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को इस मामले में बरी कर दिया था। दरअसल ईडी ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के पहले ईडी ने केजरीवाल से पूछताछ के लिए जारी समन पर पेश न होने के चलते दो शिकायतें कोर्ट में दाखिल की थी। केजरीवाल के खिलाफ ये मामला ईडी के समन की अवहेलना करने का है। ये शिकायत केजरीवाल के खिलाफ उनकी गिरफ्तारी से पहले दायर की थी।
दिल्ली आबकारी घोटाला के सीबीआई से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया था। इस फैसले को सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दिया था।
दिल्ली आबकारी घोटाला के मामले में ईडी ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 04 अक्टूबर 2024 को उनके सरकारी आवास पर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। ईडी ने इस मामले में मनीष सिसोदिया को 09 मार्च 2023 को पूछताछ के बाद तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। सिसोदिया को पहले सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और संजय सिंह समेत सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है।
