मुजफ्फरपुर: बेलसंड से लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू से जुड़े जमीन विवाद मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकानों की चहारदीवारी तोड़े जाने के मामले में एक के बाद एक प्राथमिकी दर्ज हो रही है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में FIR की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई मामलों में विधायक को नामजद किया गया है।
50 से अधिक निर्माणाधीन मकानों की चहारदीवारी तोड़ने का आरोप
मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहांडीह इलाके का है। आरोप है कि 20 अगस्त को जेसीबी की मदद से करीब 50 से अधिक निर्माणाधीन मकानों और जमीन की चहारदीवारी को तोड़ा गया।
घटना के बाद प्रभावित लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एक के बाद एक पीड़ित सामने आए और प्राथमिकी दर्ज कराने लगे। पुलिस अब इन सभी मामलों को आपस में जोड़कर जांच कर रही है।
FIR की संख्या लगातार बढ़ी
शुरुआत में एक मामले के बाद कई अन्य पीड़ितों ने भी पुलिस से शिकायत की। ताजा रिपोर्टों में इस मामले से जुड़े 25 से अधिक FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जबकि बाद की रिपोर्ट में यह संख्या और बढ़ने की बात कही गई है।
कई मामलों में विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम आरोपित के तौर पर दर्ज किया गया है। हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
विधायक की भूमिका की भी जांच
पुलिस जांच में विधायक अमित रानू की भूमिका को लेकर भी पड़ताल चल रही है। पुलिस विभिन्न मामलों में दर्ज शिकायतों, वीडियो फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जमीन विवाद से जुड़े लोगों और कथित तौर पर विधायक के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
विधायक के आवास और कार्यालय पर छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस ने विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास और सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कार्यालय-सह-आवास पर भी तलाशी ली।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, एग्रीमेंट, बैंक संबंधी कागजात और स्टांप पेपर बरामद किए गए। इसके अलावा एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
विधायक के भाई की तलाश, कई लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह को भी नामजद किया गया है। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर चुकी है।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें सुमित श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह, छोटू यादव और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
फर्जी नंबर प्लेट वाली जेसीबी और कार की भी जांच
पुलिस जांच में घटना में इस्तेमाल जेसीबी और एक कार पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगे होने की बात सामने आई है। पुलिस अब वाहनों और मौके पर मौजूद लोगों की पहचान से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों और कथित रूप से शामिल गिरोह के सदस्यों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज और वाहन नंबरों का सहारा ले रही है।
CO कार्यालय के कर्मचारी की भूमिका पर भी कार्रवाई
मामले की जांच अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसी क्रम में CO कार्यालय से जुड़े कर्मचारी की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों या रिकॉर्ड की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।
अमित रानू ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक साजिश
विधायक अमित रानू ने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें एक विशेष राजनीतिक एंगल से निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होगी।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
पुलिस अब दर्ज मामलों, आरोपितों की भूमिका, जमीन से जुड़े दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल यह मामला जमीन विवाद, कथित कब्जे और निर्माण तोड़ने की कार्रवाई को लेकर मुजफ्फरपुर में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।
