पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 13 जिलों में करीब 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने आशंका जताई है कि पटना के गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर अगले 24 घंटे में अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है।
बेगूसराय में शाम्हो-सूर्यगढ़ा सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। वहीं, खगड़िया में गुरुवार को बाढ़ के पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में तेज बारिश की संभावना जताई है। हालांकि पटना समेत राज्य के अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। कई इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए नदी, घाट और तटबंधों से दूर रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार, पटना में गंगा का जलस्तर अगले 24 घंटे में उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। ऐसे में निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
गुरुवार को नालंदा, रोहतास और खगड़िया समेत पांच जिलों में बारिश दर्ज की गई। पटना समेत कई जिलों में सुबह काले बादल छाए रहे, लेकिन बाद में धूप निकल आई। कैमूर 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। बारिश कमजोर रहने के कारण कई इलाकों में उमस एक बार फिर बढ़ गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल बिहार में बारिश का दौर कमजोर है। उत्तर-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पटना में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है और आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अगले कुछ दिनों में राज्य का अधिकतम तापमान 32 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
35 फीसदी कम बारिश, 282.6 मिमी की कमी
बिहार में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से 35 फीसदी कम बारिश हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक राज्य में 795.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 513.3 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। यानी राज्य में करीब 282.6 मिमी बारिश की कमी है। बारिश की कमी का असर कई इलाकों में खेती पर भी दिखाई देने लगा है।
