पटना : बाढ़ अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री कृष्णा जोशी ने बख्तियारपुर, अथमलगोला और बाढ़ अंचल के बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए राहत, भोजन, स्वास्थ्य और आवागमन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बख्तियारपुर अंचल की काला दियारा पंचायत के ग्यासपुर गंगा घाट का निरीक्षण करते हुए प्रभावित आबादी के आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए निःशुल्क सरकारी नावों का परिचालन शुरू कराया गया। बाढ़ से विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू करने का निर्देश दिया गया है। बख्तियारपुर में दो स्थानों पर आज से सामुदायिक रसोई का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के लिए पशु चारे की व्यवस्था भी कराई गई है।
राहत शिविरों में विस्थापित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। शिविरों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
अथमलगोला अंचल के रामनगर दियारा पंचायत के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बाढ़ का पानी पंचायत में प्रवेश कर चुका है। ग्रामीण रामनगर दियारा पुल के पास शरण लिए हुए हैं। विस्थापित लोगों के लिए पास के मध्य विद्यालय सबनिमा में भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रभावित आबादी के आवागमन के लिए चार सरकारी नावों का निःशुल्क परिचालन शुरू किया गया है। इसी स्थान पर चिकित्सा शिविर भी संचालित किया जा रहा है।
वहीं बाढ़ अंचल के बंडा दियारा क्षेत्र में प्रभावित लोगों को नाव के माध्यम से गंगा के इस पार सुरक्षित लाया गया है। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्र का संचालन किया जा रहा है। राहत शिविर में चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति के साथ आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ अंचल में आज से सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
तीनों अंचलों में चिन्हित राहत शिविरों में रोशनी के लिए जनरेटर, पेयजल, टेंट सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था अंचल स्तर से की गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने और उन्हें आवश्यक राहत एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
