भागलपुर : गंगा और कोसी नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से भागलपुर जिले के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गंगा का दबाव लगातार बना हुआ है। राघोपुर गांव के सामने तटबंध का एक बड़ा हिस्सा पहले ही गंगा में समा चुका है। अब करीब 150 वर्ष पुराने महादेवपुर रेल घाट से जुड़े रेलवे बांध को लेकर आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए राघोपुर पंचायत के कई ग्रामीण अपने घर खाली कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। इससे इलाके में भय और चिंता का माहौल है।
जहाज रुका, कटावरोधी कार्य प्रभावित होने की आशंका
तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए जहाज के जरिए बालू लाकर कटावरोधी कार्य कराया जा रहा था। लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शुक्रवार को जहाज का परिचालन रोक दिया गया। जहाज के रुकने से कटावरोधी कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार सुबह 11 बजे जहाज पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, संवेदक और पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र की मौजूदगी में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में जहाज का परिचालन दोबारा शुरू कराने, बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कटावरोधी कार्य को तेज करने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
नाथनगर में 24 घंटे में डेढ़ फीट बढ़ा पानी
नाथनगर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जलस्तर करीब डेढ़ फीट बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तटवर्ती इलाकों के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। पानी फैलने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
कई नदियों का बढ़ रहा जलस्तर
गंगा के साथ कुआ, भायना, गेरुआ और घोघा नदियों के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तोफिल, अनठावन, पकड़तल्ला, आमापुर, एकचारी स्टेशन और त्रिमोहन मार्कंडेय टोला समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
नवगछिया के दियारा में पशुपालकों की बढ़ी परेशानी
नवगछिया अनुमंडल में भी गंगा और कोसी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पानी फैलने से दियारा क्षेत्र के पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए पशुपालक उन्हें ऊंचे स्थानों की ओर ले जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
