पटना। राजधानी पटना के गर्दनीबाग में पिछले 21 दिनों से चल रहा बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को समाप्त हो गया। IT मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ हुई वार्ता और मिले आश्वासन के बाद आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपना शांतिपूर्ण धरना खत्म करने का फैसला लिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त किया है।
धरना दे रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने उनकी मांगों को लेकर BELTRON के MD कौशल किशोर, GM राकेश रंजन, DSP अनु कुमारी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई और आगे की प्रक्रिया को लेकर उन्हें आश्वासन दिया गया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें आश्वासन मिला है कि अगले 24 घंटे के भीतर बेल्ट्रॉन की आधिकारिक वेबसाइट पर शेष 4808 क्वालिफाइड अभ्यर्थियों को लेकर जानकारी जारी की जा सकती है। इसी आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने 7 सितंबर 2026 से 21 दिनों से चल रहे अपने धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा की।
आंदोलन समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने IT मंत्री नीतीश मिश्रा के प्रति आभार जताया। अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि आंदोलन के दौरान मंत्री के खिलाफ कई तरह की बातें कही गई थीं, लेकिन अब उनकी मांगों को लेकर पहल किए जाने के बाद उन्हें मंत्री की भूमिका पर भरोसा है। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार की ओर से दिया गया आश्वासन जल्द पूरा किया जाएगा और शेष क्वालिफाइड अभ्यर्थियों के संबंध में आवश्यक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी।
वहीं, IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BELTRON) के डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) अभ्यर्थियों के शिष्टमंडल ने उनसे मुलाकात की है। उन्होंने वार्ता के लिए पहुंचे शिष्टमंडल के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।
IT मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों के आंदोलन समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया। अब अभ्यर्थियों की नजर बेल्ट्रॉन की ओर से जारी होने वाली आगामी जानकारी पर है।
21 दिनों तक चले इस आंदोलन के समाप्त होने से अभ्यर्थियों को राहत मिली है। हालांकि, अब सभी की निगाहें बेल्ट्रॉन की आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाली सूचना पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर 4808 क्वालिफाइड अभ्यर्थियों से जुड़ी जानकारी जारी होती है, तो लंबे समय से इस मामले को लेकर इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
