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13 साल की शीरीन कालरा ने निकाला ट्रेन में सीट बदलने का आसान तरीका, बनाया CoSeat डिजिटल प्लेटफॉर्म

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डेस्क : ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर सीट से जुड़ी एक परेशानी का सामना करना पड़ता है। टिकट बुक कराने के बाद जब परिवार के सदस्यों को एक ही कोच में अलग-अलग सीटें मिलती हैं, तो उन्हें सीट बदलने के लिए दूसरे यात्रियों से अनुरोध करना पड़ता है। कई बार सामने वाला यात्री सीट बदलने के लिए तैयार नहीं होता, जिससे सफर शुरू होने से पहले ही परेशानी बढ़ जाती है। इसी समस्या का डिजिटल समाधान 13 साल की शीरीन कालरा ने खोजने की कोशिश की है।

शीरीन कालरा ने CoSeat नाम का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसकी मदद से ट्रेन में सफर करने वाले यात्री यात्रा शुरू होने से पहले ही अपने सह-यात्रियों से संपर्क कर सकते हैं और आपसी सहमति से सीट की अदला-बदली कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए अब फ्लाइट में सीट एक्सचेंज की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

परिवार के सफर से आया आइडिया

शीरीन को CoSeat बनाने का विचार उस समय आया, जब वह अपने परिवार के साथ ट्रेन से यात्रा कर रही थीं। उनके परिवार के सदस्यों को ट्रेन में अलग-अलग सीटें मिली थीं। परिवार को एक साथ बैठने के लिए उनके पिता को दूसरे यात्रियों से सीट बदलने के लिए अनुरोध करना पड़ा।

इस अनुभव के बाद शीरीन के मन में सवाल आया कि जब ट्रेन और फ्लाइट की टिकट बुकिंग से लेकर खाना ऑर्डर करने तक की सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, तो सीट बदलने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन क्यों नहीं किया जा सकता। इसी विचार से CoSeat की शुरुआत हुई।

यात्रियों को सफर से पहले जोड़ता है प्लेटफॉर्म

CoSeat का उद्देश्य यात्रियों को ट्रेन या फ्लाइट में चढ़ने से पहले ही एक-दूसरे से जोड़ना है। इससे अगर किसी यात्री को अपनी सीट बदलने की जरूरत है और दूसरे यात्री को भी किसी अलग सीट की आवश्यकता है, तो दोनों आपसी सहमति से सीट एक्सचेंज कर सकते हैं।

इस व्यवस्था से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के बाद अलग-अलग लोगों से सीट बदलने के लिए अनुरोध करने की जरूरत कम हो सकती है। खासकर परिवार के सदस्यों को एक साथ बैठने में यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

तीन स्टेप में काम करता है CoSeat

CoSeat की प्रक्रिया को आसान रखा गया है। सबसे पहले यात्री प्लेटफॉर्म पर जाकर अपना PNR दर्ज करता है। PNR वेरिफाई होने के बाद सिस्टम यात्रा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करता है।

दूसरे चरण में यात्री अपनी सीट संबंधी पसंद दर्ज कर सकता है। उदाहरण के लिए, यात्री बता सकता है कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक ही कोच में बैठना चाहता है या उसे लोअर बर्थ अथवा साइड लोअर बर्थ की आवश्यकता है।

तीसरे चरण में प्लेटफॉर्म ऐसे यात्रियों को खोजने की कोशिश करता है, जिनकी सीट संबंधी जरूरत एक-दूसरे से मेल खाती हो। इसके बाद संभावित यात्रियों को आपस में जोड़ने का विकल्प दिया जाता है, ताकि वे अपनी सहमति से सीट बदलने को लेकर निर्णय ले सकें।

PNR स्टेटस और लाइव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं

CoSeat पर सीट एक्सचेंज के अलावा यात्रियों के लिए कुछ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म के जरिए यात्री अपने PNR का स्टेटस देखने और यात्रा से जुड़ी जानकारी ट्रैक करने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अजनबियों से संपर्क के दौरान सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं, ताकि सीट एक्सचेंज के लिए यात्रियों के बीच बातचीत अपेक्षाकृत सुरक्षित तरीके से हो सके।

छोटी उम्र में समस्या का डिजिटल समाधान

शीरीन कालरा की पहल इस बात का उदाहरण है कि रोजमर्रा की किसी समस्या से भी नए डिजिटल आइडिया की शुरुआत हो सकती है। परिवार के साथ ट्रेन यात्रा के दौरान सामने आई एक छोटी सी परेशानी ने उन्हें ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए प्रेरित किया, जिसका उद्देश्य यात्रियों के लिए सीट एक्सचेंज की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

CoSeat के जरिए यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले ही अपनी सीट संबंधी जरूरत के अनुरूप दूसरे यात्रियों से जुड़ने का विकल्प मिलता है। हालांकि सीट बदलने का निर्णय यात्रियों की आपसी सहमति और संबंधित यात्रा नियमों के अनुरूप ही होना चाहिए। आने वाले समय में ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म यात्रा से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियों को तकनीक के जरिए हल करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

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